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AIPOC 2026: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से डॉ. राजेश्वर सिंह की मुलाकात, उनकी अध्यक्षता में हुए रिफॉर्म्‍स को सराहा

Rajeshwar Singh Meets Om Birla: लोकप्रिय विधायक राजेश्वर सिंह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की सुधारवादी कार्यशैली की तारीफ की. AIPOC 2026 में भेंट कर उनको भगवान कृष्ण की मूर्ति भेंट की.

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Om Birla Parliamentary Reforms: उत्‍तर प्रदेश में सरोजनीनगर के भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से राजभवन में मुलाकात की. यह मुलाकात 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (AIPOC) के दौरान हुई. सम्मेलन 19 से 21 जनवरी 2026 तक लखनऊ में चल रहा है. राजेश्वर सिंह ने ओम बिरला को भगवान कृष्ण की सुंदर मूर्ति भेंट की. यह मूर्ति फ्रेम में थी. उन्होंने इसे सम्मान और आदर का प्रतीक बताया.

बिरला की कार्यशैली की प्रशंसा

राजेश्वर सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में ओम बिरला की काफी तारीफ की. उन्होंने कहा कि बिरला के नेतृत्व में लोकसभा ने विधायी कामकाज में नए रिकॉर्ड बनाए हैं. सदन में समय का अच्छा प्रबंधन हुआ. विधेयक जल्दी और व्यवस्थित तरीके से पास होते हैं. बहसें गहरी और संतुलित रहती हैं. ये सब उनके समावेशी नेतृत्व का नतीजा है.

डिजिटल सुधारों पर जोर

विधायक ने बताया कि ओम बिरला के समय में संसद डिजिटल हो गई है. ई-पार्लियामेंट और पेपरलेस सिस्टम शुरू हुआ. इससे काम में देरी कम हुई और पारदर्शिता बढ़ी. AI से बहुभाषी अनुवाद की सुविधा आई. सांसद अपनी भाषा में बहस कर सकते हैं. इससे सभी क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को आसानी हुई. रीयल-टाइम ट्रांसक्रिप्शन और डिजिटल डेटाबेस ने संसद को और मजबूत बनाया. ये बदलाव संसद को दुनिया के बेस्ट तरीकों से जोड़ते हैं.

संसद की विश्वसनीयता बढ़ी

राजेश्वर सिंह का कहना है कि इन सुधारों से लोकतंत्र पर जनता का भरोसा बढ़ा है. बिरला का संसदीय ज्ञान, नैतिकता और राष्ट्रहित की भावना हर किसी के लिए प्रेरणा है. उन्होंने कामना की कि उनके नेतृत्व में लोकसभा लोकतांत्रिक मूल्यों को नई ऊंचाइयों तक ले जाए.

AIPOC में देश भर के पीठासीन अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं. उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने इसका उद्घाटन किया. सम्मेलन में विधायी प्रक्रियाओं को मजबूत करने पर चर्चा हो रही है.

ओम बिरला ने कई राज्यों में विधानसभा सत्र कम होने पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि पर्याप्त सत्र होने चाहिए ताकि बहस, जांच और जवाबदेही बनी रहे. यह मुलाकात और प्रशंसा संसद में सुधारों की दिशा को दिखाती है.



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