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‘मिशन 2027’ पर BSP का फोकस, मायावती ने तेज की चुनावी तैयारी; चंद्रशेखर आजाद भी सक्रिय

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बसपा ने ‘मिशन 2027’ के तहत संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं. 15 हजार बूथ कमेटियों के गठन, आकाश आनंद के रोड शो और कांशीराम जयंती के बड़े आयोजन के जरिए पार्टी अपनी जमीनी पकड़ मजबूत करने में जुटी है.

BSP Mission 2027 UP Mayawati

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाजवादी पार्टी (BSP) ने अभी से अपनी रणनीतिक तैयारियां तेज कर दी हैं. पार्टी ने ‘मिशन 2027’ के तहत संगठन को सक्रिय मोड में ला दिया है. हाल ही में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बसपा अब बूथ स्तर तक अपनी पकड़ मजबूत करने में जुट गई है.

BSP की चुनावी तैयारियां

सूत्रों के मुताबिक, पार्टी अप्रैल से बड़े पैमाने पर प्रचार अभियान की शुरुआत कर सकती है. इसके लिए संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर खास जोर दिया जा रहा है. राज्यभर में करीब 15 हजार बूथ कमेटियों के गठन की योजना बनाई गई है, ताकि हर बूथ पर पार्टी की सक्रिय मौजूदगी सुनिश्चित की जा सके. बताया जा रहा है कि बसपा प्रमुख मायावती (Mayawati) ने निर्देश दिए हैं कि 14 अप्रैल, डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती तक बूथ कमेटियों का गठन पूरा कर लिया जाए.

बूथ स्तर पर संगठन खड़ा करने के बाद पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक और मायवती के भतीजे आकाश आनंद के रोड शो और जनसभाओं का सिलसिला शुरू होगा. इसके जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने की रणनीति तैयार की गई है.

कांशीराम की जयंती पर बड़ा प्रोग्राम

इसके साथ ही बसपा 15 मार्च को पार्टी संस्थापक कांशीराम की जयंती को भी बड़े स्तर पर मनाने की तैयारी कर रही है. सूत्रों का कहना है कि इस आयोजन के माध्यम से बसपा यह संदेश देने की कोशिश करेगी कि कांशीराम की विचारधारा की असली वारिस वही है. पार्टी पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जयंती कार्यक्रमों में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए.


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आजाद समाज पार्टी ने भी शुरू की कवायद

वहीं, दूसरी तरफ सांसद चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी (ASP) भी कांशीराम जयंती पर कई जिलों में कार्यक्रम आयोजित कर रही है, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है. ऐसे में बसपा इस मौके को अपनी ताकत दिखाने और समर्थकों को एकजुट करने के अवसर के रूप में देख रही है.

कुल मिलाकर, बसपा ने 2027 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन विस्तार, विचारधारा के प्रचार और जनसंपर्क अभियान के जरिए मैदान में मजबूती से उतरने की तैयारी शुरू कर दी है.

-भारत एक्सप्रेस



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