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पिछली सरकारों में उद्यमियों की उपेक्षा, जातीय संघर्षों को मिला बढ़ावा: CM Yogi

World MSME Day: विश्व एमएसएमई दिवस पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूथ अड्डा, सीएम युवा मोबाइल ऐप और ओडीओपी सीएफसी परियोजनाओं का शुभारंभ किया.

CM Yogi on World MSME Day

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को लोक भवन सभागार, लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय MSME दिवस के अवसर पर यूथ अड्डा का लोकार्पण, उद्यमिता के प्रोत्साहन हेतु CM YUVA के मोबाइल ऐप का शुभारम्भ करते, युवा उद्यमियों को सम्मानित करते

World MSME Day: विश्व एमएसएमई दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में आयोजित एक भव्य समारोह में उद्यमिता को प्रोत्साहन देने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल का शुभारंभ किया.इस दौरान उन्होंने यूथ अड्डा का लोकार्पण, सीएम युवा मोबाइल ऐप का शुभारंभ और बरेली व मुरादाबाद में 18 करोड़ रुपये की ओडीओपी सीएफसी परियोजनाओं का उद्घाटन किया. मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में जातिगत भेदभाव को समाप्त कर सभी समुदायों के युवाओं को समान अवसर प्रदान करने की डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता को जाहिर किया.

उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों को जातिगत संघर्ष कराने से ही फुरसत नहीं थी, जिसके कारण प्रदेश के युवाओं के सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया था.मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने न सिर्फ उद्यमियों की उपेक्षा की, बल्कि जातीय संघर्षों को बढ़ावा देने का कार्य भी किया.

केवल अपने परिवार के लिए काम करती थीं पिछली सरकारें

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले का यूपी दंगों के रूप में, माफिया गिरोह के रूप में, बेटी और व्यापारी के लिए सबसे असुरक्षित प्रदेश के रूप में जाना जाता था.पिछली सरकारों की उपलब्धि जातीय संघर्ष करा कर परिवारवाद के नाम पर एक जनपद एक माफिया देने की रही है.इसके चलते जनता के सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया था.

उन्होंने कहा कि यूपी ने 24 जनवरी 2018 में पहली बार अपने स्थापना दिवस का आयोजन किया.1950 में यूपी की स्थापना होने के बाद से लेकर 2018 तक कभी प्रदेश के स्थापना दिवस का आयोजन नहीं हुआ, क्योंकि पिछली सरकारों को जातीय संघर्ष कराने और इसके आधार पर प्रदेश को पहचान का संकट खड़ा करने से फुरसत ही नहीं थी.वे सब अपने परिवार के लिए कार्य कर रहे थे, प्रदेश से उनका कोई मतलब नहीं था.

युवाओं के लिए उद्यमिता का नया मंच है यूथ अड्डा

मुख्यमंत्री ने यूथ अड्डा का लोकार्पण किया, जिसे यूपीकॉन द्वारा नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया है.यह मंच सभी जातियों और समुदायों के युवाओं को अपने व्यवसायिक विचार साझा करने, बैंकों से ऋण सहायता प्राप्त करने और अनुभवी मेंटर्स से मार्गदर्शन लेने का अवसर प्रदान करेगा.सीएम योगी ने कहा कि हमारी सरकार जाति, क्षेत्र या भाषा के आधार पर भेदभाव नहीं करती.हर युवा की प्रतिभा को मंच देने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं.

सीएम युवा मोबाइल ऐप के शुभारंभ के साथ, सरकार ने युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म की शुरुआत की.मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐप सभी समुदायों के युवाओं को बिना किसी जातिगत भेदभाव के प्रशिक्षण, ऋण, और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करेगा.मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐप सुनिश्चित करेगा कि कोई भी युवा सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने के लिए मजबूर न हो.

हर जनपद, हर समुदाय की पहचान बना ओडीओपी

मुख्यमंत्री ने वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना के तहत बरेली और मुरादाबाद में 18 करोड़ रुपये की लागत से कॉमन फैसिलिटेशन सेंटर (सीएफसी) परियोजनाओं का लोकार्पण किया.सीएम योगी ने कहा कि आज ओडीओपी के माध्यम से हर जनपद की विशिष्टता को वैश्विक मंच मिल रहा है.उन्होंने बताया कि इस योजना ने सभी जातियों के कारीगरों और उद्यमियों को समान अवसर प्रदान किए हैं, जिससे मुरादाबाद का ब्रास, भदोही का कालीन और लखनऊ की चिकनकारी जैसे उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान बना रहे हैं.

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयों में 2 करोड़ से अधिक लोग कार्यरत हैं, जिनमें सभी जातियों और समुदायों के लोग शामिल हैं.उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने बिना भेदभाव के इन इकाइयों को पांच लाख रुपये का सुरक्षा कवच और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की है.यूपी देश में एमएसएमई में 14 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ अग्रणी है.

आर्थिक प्रगति है यूपी का नया चेहरा

मुख्यमंत्री ने पिछले आठ वर्षों में यूपी की आर्थिक प्रगति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 2017 में प्रदेश का निर्यात मात्र 80 हजार करोड़ रुपये था, जो आज 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है.प्रति व्यक्ति आय 46 हजार रुपये से बढ़कर 1 लाख 20 हजार रुपये और जीडीपी 12 लाख 75 हजार करोड़ से बढ़कर 31 लाख करोड़ रुपये हो गई है.सीएम योगी ने कहा कि यह प्रगति बेहतर कानून व्यवस्था और सभी समुदायों को समान अवसर देने के कारण संभव हुई है.

युवा उद्यमी योजना के जरिए बिना भेदभाव के मिल रहा अवसर

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 55 हजार युवाओं को 5 लाख रुपये का ब्याज-मुक्त ऋण और 10 प्रतिशत सरकारी अनुदान प्रदान किया गया है.सीएम योगी ने कहा कि हमने इन युवाओं का चयन उनकी प्रतिभा के आधार पर किया, न कि उनकी जाति या क्षेत्र के आधार पर.इस योजना ने सभी समुदायों के युवाओं को उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर दिया है.

सीएम ने बताया कि विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत 1 लाख से अधिक परंपरागत कारीगरों को टूलकिट और सस्ते ऋण प्रदान किए गए हैं.ये कारीगर विभिन्न जातियों और समुदायों से हैं, जिन्हें पहले उपेक्षित किया जाता था.मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने हर गांव और कस्बे के कारीगरों को सम्मान और अवसर दिया है, ताकि वे अपनी कला को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकें.

इंटरनेशनल ट्रेड शो से बन रही यूपी की वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री ने इस वर्ष 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीसरे संस्करण की घोषणा की.उन्होंने कहा कि यह शो यूपी के एमएसएमई उत्पादों को वैश्विक खरीदारों तक पहुंचाने का मंच प्रदान करेगा.सीएम योगी ने कहा कि पिछले दो संस्करणों की सफलता ने दिखाया कि यूपी के उत्पाद, चाहे किसी भी समुदाय के कारीगरों द्वारा बनाए गए हों, विश्व स्तर पर अपनी छाप छोड़ रहे हैं.इस अवसर पर 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने जा रहे इंटरनेशनल ट्रेड शो से संबंधित एक लघु चलचित्र का प्रदर्शन किया गया.

मुख्यमंत्री ने बताया कि यूपी के 77 उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त हो चुका है और 75 नए आवेदनों पर कार्य चल रहा है.इसके लिए ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए, ताकि सभी समुदायों के हस्तशिल्पियों के उत्पादों को संरक्षित किया जा सके.सीएम योगी ने कहा कि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हमारी विरासत पर कोई और दावेदारी न कर सके.

विकसित भारत के संकल्प को साकार कर रहा यूपी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष जोर दिया कि उनकी सरकार का लक्ष्य जातिगत भेदभाव को समाप्त कर हर युवा और कारीगर को समान अवसर प्रदान करना है.उन्होंने विश्व एमएसएमई दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के जरिए बताया कि देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में उत्तर प्रदेश ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं.

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार, प्रमुख सचिव एमएसएमई आलोक कुमार, एसएलवीसी के कोऑर्डिनेटर शैलेन्द्र कुमार सिंह सहित एमएसएमई विभाग के अधिकारीगण सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे.

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-भारत एक्सप्रेस 



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