मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बहन-बेटियों के नाम भावुक पाती फोटो- भारत एक्सप्रेस
CM Yogi Letter For Raksha Bandhan: भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास के पावन पर्व रक्षाबंधन से ठीक पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की बहन-बेटियों के नाम एक बेहद भावुक और प्रेरक ‘पाती’ लिखी है. सीएम योगी ने अपनी इस पाती के जरिए न सिर्फ महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा का संकल्प दोहराया है, बल्कि उन्हें रक्षाबंधन का एक बड़ा गिफ्ट भी दिया है. सीएम ने स्पष्ट किया है कि राखी सिर्फ कलाई पर बंधने वाला धागा नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति की सबसे सुदृढ़ परंपरा है.
श्रीकृष्ण और द्रौपदी के अटूट रिश्ते का जिक्र
सीएम योगी ने अपनी पाती में महाभारत काल का जिक्र करते हुए लिखा कि जब श्रीकृष्ण की उंगली से रक्त बह रहा था, तब द्रौपदी ने अपनी साड़ी का किनारा फाड़कर उनकी उंगली पर बांधा था. द्रौपदी के इसी स्नेह और विश्वास का कर्ज श्रीकृष्ण ने संकट के समय उनकी रक्षा करके चुकाया था. सीएम ने नई पीढ़ी को संदेश देते हुए कहा कि आज के समय में इन महान संस्कारों को अपने आचरण का हिस्सा बनाना पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है, क्योंकि यही संस्कार परिवारों को मजबूत करते हैं और समाज को एकजुट रखते हैं.
महिलाओं को तोहफा (CM Yogi Raksha Bandhan Tips)
रक्षाबंधन के मौके पर अपनी बहनों को सहूलियत देते हुए योगी सरकार ने साल 2017 से शुरू की गई अपनी परंपरा को इस साल भी जारी रखा है. सीएम ने ऐलान किया है कि रक्षाबंधन पर्व पर 27 अगस्त से लेकर 29 अगस्त तक प्रदेश की माताओं और बहनों के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन की बसों में मुफ्त (निःशुल्क) यात्रा की सुविधा उपलब्ध रहेगी. इसके अलावा, उन्होंने याद दिलाया कि ‘मिशन शक्ति’ और ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’ के जरिए राज्य सरकार बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और प्रगति को लगातार पंख दे रही है.
राखी के लिए दी प्रो टिप्स (CM Yogi Adityanath On Raksha Bandhan)
अपनी पाती के अंत में सीएम योगी ने प्रदेशवासियों से एक बेहद खास अपील की है. उन्होंने कहा कि देश-प्रदेश की सुरक्षा में दिन-रात मुस्तैद रहने वाले हमारे सुरक्षाबलों, पुलिसकर्मियों और आपदा राहतकर्मियों को भी रक्षा-सूत्र बांधकर उनके प्रति कृतज्ञता जताएं. इसके साथ ही, स्थानीय स्तर पर बनी राखियों और उपहारों को प्राथमिकता दें, ताकि प्रदेश के श्रमिकों, शिल्पकारों और छोटे उद्यमियों को प्रोत्साहन मिल सके.
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