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किसान पुत्रों को सीएम योगी का तोहफा: कृषि छात्रवृत्ति की सीटें दोगुनी, सहायता राशि भी बढ़ी

CM Yogi Adityanath Gift: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने किसानों और खेतिहर मजदूरों के मेधावी बच्चों के लिए ‘मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना’ का दायरा बड़ा करते हुए सीटों की संख्या को दोगुना कर दी है.

CM Yogi Adityanath Gift Mukhya Mantri Krishak Chhatravriti Yojana

CM Yogi Adityanath Gift: किसानों की अगली पीढ़ी को उच्च कृषि शिक्षा के बेहतर और सुलभ अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक बेहद अहम और बड़ा फैसला लिया है. राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की ‘मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना’ का दायरा बढ़ाते हुए छात्रवृत्ति की निर्धारित सीटों को दोगुना कर दिया गया है. इसके साथ ही पात्र विद्यार्थियों को मिलने वाली सालाना आर्थिक सहायता राशि में भी भारी बढ़ोतरी की गई है, जिससे आर्थिक तंगी के कारण उच्च शिक्षा से वंचित रहने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को बड़ा संबल मिलेगा.

मेधावी विद्यार्थियों को मिलेगा सीधा लाभ

संशोधित व्यवस्था के तहत प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों में छात्रवृत्ति पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या 45 से बढ़ाकर 90 कर दी गई है, जबकि कृषि महाविद्यालयों में इसे 15 से बढ़ाकर 30 कर दिया गया है. इस प्रकार योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति की कुल निर्धारित संख्या 1,410 से बढ़कर अब 2,820 हो गई है. प्रदेश के 11 कृषि विश्वविद्यालयों व संस्थानों और 61 कृषि महाविद्यालयों में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा.

राशि में 24,000 रुपए की सालाना वृद्धि

योजना के अंतर्गत पहले विद्यार्थियों को प्रति माह 3,000 रुपए (सालाना 36,000 रुपए) छात्रवृत्ति मिलती थी, जिसे बढ़ाकर अब 5,000 रुपए प्रति माह कर दिया गया है. इस प्रकार विद्यार्थियों को अब सालाना 36,000 रुपए के स्थान पर 60,000 रुपए मिलेंगे, यानी प्रत्येक छात्र को प्रतिवर्ष 24,000 रुपए की अतिरिक्त आर्थिक मदद प्राप्त होगी. इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई, किताबें और हॉस्टल आदि के खर्चों को उठाने में काफी आसानी होगी.

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विभिन्न पाठ्यक्रमों में बढ़ा दायरा और पात्रता

कृषि स्नातक, गृह विज्ञान स्नातक, कृषि स्नातकोत्तर और गृह विज्ञान स्नातकोत्तर सहित उद्यान, वानिकी, पशुपालन और उससे जुड़े अन्य पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थी इस योजना के दायरे में आते हैं. योजना का लाभ उत्तर प्रदेश के मूल निवासी कृषकों एवं खेतिहर मजदूरों के पुत्र-पुत्रियों को मेरिट और निर्धारित अंकों (स्नातक के लिए इंटर में 70%-85% और स्नातकोत्तर के लिए स्नातक में 70% अंक) के आधार पर दिया जाता है. मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इस पहल से ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने और कृषि क्षेत्र में नवाचार व उद्यमिता को बढ़ावा देने का स्वर्णिम अवसर मिलेगा.



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