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गंगा एक्सप्रेसवे पर मामूली दरार, अधिकारियों ने तुरंत कराया मरम्मत कार्य

गंगा एक्सप्रेसवे पर एक मामूली सतही दरार सामने आने के बाद अधिकारियों ने तुरंत मरम्मत कार्य शुरू कर दिया. प्रशासन ने कहा कि एक्सप्रेसवे पूरी तरह सुरक्षित है और यातायात सामान्य बना हुआ है.

Ganga Expressway

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और मेरठ को जोड़ने वाले गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) पर हाल ही में एक मामूली क्षतिग्रस्त (टूट-फूट ) हिस्सा सामने आया. सड़क के एक छोटे हिस्से में सतही दरार जैसी समस्या दिखाई देने के बाद इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं, जिसके बाद लोगों के बीच सड़क की गुणवत्ता को लेकर चर्चा शुरू हो गई.

अधिकारियों ने तुरंत शुरू कराया सुधार कार्य

मामले की जानकारी मिलते ही संबंधित अधिकारियों ने तुरंत मरम्मत टीम को मौके पर भेजा. अधिकारियों के अनुसार क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत तेजी से पूरी कर ली गई है और फिलहाल एक्सप्रेसवे पर यातायात पूरी तरह सामान्य है. कहीं भी आवागमन प्रभावित नहीं हुआ है.

तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर शुरुआती दौर में इस तरह की छोटी सतही दरारें कभी-कभी दिखाई देती हैं. विशेषज्ञों ने बताया कि इसका मुख्य कारण सड़क के नीचे की मिट्टी का धीरे-धीरे बैठना होता है, न कि निर्माण कार्य में कोई बड़ी कमी.

इंजीनियरों के मुताबिक नई सड़कों के निर्माण के बाद जमीन पर दबाव पड़ने से मिट्टी में हल्की सिकुड़न आ जाती है. इसी प्रक्रिया के कारण कुछ स्थानों पर सतह पर मामूली बदलाव दिखाई दे सकते हैं.

अन्य एक्सप्रेसवे पर सामने आ चुकी है ऐसी स्थिति

अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर भी निर्माण के शुरुआती चरण में ऐसी स्थितियां सामने आ चुकी हैं. बाद में आवश्यक मरम्मत और निगरानी के जरिए इन समस्याओं को दूर कर दिया गया था.

594 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे

गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है. यह एक्सप्रेसवे कुल 594 किलोमीटर लंबा है. यह कुल 12 जिलों से गुजरता है जिसमें मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज शामिल है.


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इस परियोजना का उद्देश्य राज्य के विभिन्न शहरों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करना और लंबी दूरी की यात्रा को तेज व आसान बनाना है. अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि एक्सप्रेसवे पूरी तरह सुरक्षित और संचालन के लिए तैयार है तथा यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी.

-भारत एक्सप्रेस



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