डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद.
Mahant Narsinghanand: गाजियाबाद की डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद द्वारा दिए गए विवादित बयान के बाद हुए तनाव के बीच रविवार को महापंचायत की घोषणा की गई है. मंदिर समिति और स्थानीय विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने सभी हिंदू संगठनों से अपील की है कि वह महापंचायत में भाग लें.
इस महापंचायत के आयोजन को लेकर पुलिस की ओर से कोई अनुमति नहीं दी गई है. पुलिस के अनुसार, सुरक्षा-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए किसी को भी मंदिर परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से निपटा जा सके.
इस महापंचायत को लेकर पुलिस और हिंदू संगठनों के बीच टकराव की संभावना जताई जा रही हैं. पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है और विभिन्न स्थानों पर नाकाबंदी की गई है.
शनिवार को भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर डासना देवी मंदिर पहुंचे थे. दर्शन पूजन के बाद उन्होंने कहा था कि यह बहुत प्राचीन मंदिर है. यहां सभी मनोकामना पूर्ण होती है. मंदिर कमेटी ने महापंचायत बुलाई है. इसलिए यहां पंचायत होगी. प्रशासन ने रोक लगाई है तो वह प्रशासन जाने, लेकिन पंचायत होगी. हमें बुलाया गया है. हम लोग भी पंचायत में आऐंगे. यहां जो फैसले लिए जाने हैं वे राष्ट्र के हित में लिए जाएंगे. शांतिपूर्ण पंचायत होगी. इस बात की जिम्मेदारी हम ले रहे हैं. एक जिम्मेवार आदमी को रहना चाहिए, इसलिए मैं कल यहां रहूंगा.
उन्होंने आगे कहा था कि देश भर के सनातन धर्म को मानने वाले लोगों के अंदर बहुत गुस्सा और उबाल है. मंदिर पर जिहादियों ने जो हमला किया है, महाराज जी ने अगर कुछ बोला है तो कानून के मुताबिक काम होगा. सनातन धर्म आक्रोश में है इसलिए पंचायत हो रही है. मंदिर कमेटी की ओर से जो फैसला होगा, वह राष्ट्र को मजबूत करेगा. यहां जो हमला करने वाले लोग हैं, उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम लगे. जो फरार हैं, उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की हम मांग करते हैं. एक बड़ा अधिकारी जिले को जलाना चाहता है. सीएम योगी से हमारा निवेदन है कि वे अराजक तत्वों पर नकेल कसने का काम करें. समाज अब सनातन के सम्मान में खड़ा हो चुका है.”
बता दें कि डासना मंदिर में रविवार को 36 बिरादरियों की पंचायत बुलाई गई है. इसकी अनुमति मंदिर प्रशासन की तरफ से पुलिस से मांगी गई थी, लेकिन पुलिस ने अनुमति देने से मना कर दिया और धारा 163 लागू कर दी है. यह पंचायत 4 अक्टूबर की रात मंदिर पर कथित तौर पर हुए हमले और महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि के कथित तौर पर ‘लापता’ होने के संबंध में बुलाई गई है.
उल्लेखनीय है कि 4 अक्टूबर को डासना मंदिर के महंत द्वारा दिए गए बयान के बाद कुछ लोगों ने मंदिर की तरफ कूच किया था और पुलिस ने उन्हें रोका था. इस दौरान आरोप लगाया गया था कि मंदिर के बाहर पहुंचकर उपद्रवियों ने पत्थरबाजी की और माहौल बिगाड़ने की कोशिश की. इसके बाद राजनीति गरमा गई और लोनी के विधायक नंदकिशोर गुर्जर भी इस मामले से जुड़ गए. उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कहा था कि मंदिर पर हमला करने वाले लोगों को चिन्हित कर उन पर रासुका लगाई जाए और उनकी संपत्ति भी जब्त की जाए.
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