Ghuskhor Pandit Movie Controversy: विमलेंद्र राय/वाराणसी: धार्मिक नगरी काशी (Varanasi) में फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ (Ghuskhor Pandit) को लेकर विरोध की आग भड़क उठी है. फिल्म के शीर्षक और विषय को ब्राह्मण समाज का अपमान बताते हुए वाराणसी के समाजसेवी और भाजपा नेता स्वतंत्र मिश्रा (Swatantra Mishra) ने उग्र आंदोलन का ऐलान कर दिया है. उन्होंने प्रशासन और फिल्म निर्माताओं को खुली चेतावनी दी है कि अगर यह फिल्म वाराणसी में रिलीज हुई, तो वे सिनेमा हॉल को आग के हवाले कर देंगे और खुद जिला मुख्यालय पर आत्मदाह कर लेंगे.
‘जलाकर राख कर दूंगा टॉकीज’
स्वतंत्र मिश्रा ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि अगर वाराणसी में इनकी फिल्म रिलीज हुई और इस पर तत्काल रोक नहीं लगाई, तो मैं स्वतंत्र मिश्रा जिला मुख्यालय पर आत्मदाह करूंगा. दूसरी बात, जिस टॉकीज में यह फिल्म लगेगी, उसे मैं जलाकर राख कर दूंगा.
संस्कार देने वालों का अपमान क्यों?
भाजपा नेता ने कहा कि हिंदुस्तान और विशेषकर काशी, जहां विद्वान ब्राह्मण रहते हैं, उन्होंने देश को शिक्षा और संस्कार दिए हैं. उन्होंने कहा कि रामचरितमानस लिखने वाले गोस्वामी तुलसीदास जी हों या आज के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सभी उन्हीं संस्कारों पर चलते हैं. ऐसे में ‘घूसखोर’ जैसा शब्द लगाकर ब्राह्मणों को बदनाम करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. राजा-महाराजा भी ब्राह्मणों की पूजा करते थे और आज मनोज बाजपेयी द्वारा ऐसी फिल्म बनाकर उनका अपमान किया जा रहा है.
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प्रदर्शनकारियों ने पीएम मोदी और सीएम योगी से फिल्म पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की है. विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं, जिन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज की प्रतिष्ठा के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए. बता दें जब से फिल्म का पोस्टर सामने आया है. इसे लेकर देशभर में विरोध हो रहा है.
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