प्रदर्शन के दौरान की तस्वीर
Uttar Pradesh News: एक तरफ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार सभी क्षेत्रों में काम कर रही है. वहीं दूसरी ओर कुछ अधिकारी सरकार को चूना लगाने में व्यस्त हैं. इसी का नतीजा है कि गोरखपुर स्थित यूपी पीएसी की 26वीं बटालियन में ट्रेनिंग ले रहीं महिला सिपाहियों को प्रदर्शन पर उतरना पड़ गया. महिला रिक्रूट्स का दर्द बुधवार को सड़क पर छलक पड़ा. उन्होंने बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी और अमानवीय व्यवहार का आरोप लगाते हुए प्रशासनिक भवन के सामने प्रदर्शन किया. इस तरह की लापरवाही के कारण परेशानी के साथ-साथ सरकार की छवि पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है.
हंगामे के कारण
गोरखपुर में स्थित पीएसी की 26वीं बटालियन में प्रशिक्षण ले रही महिला प्रशिक्षुओं ने बुधवार को हंगामा किया. बुनियादी सुविधाओं की कमी है और उन्हें कई समस्याओं को लेकर वह परेशान थीं. प्रबंधन के खिलाफ उनकी और भी कई शिकायतें थी जिसकी सुनवाई नहीं हो रही थी.
- सुविधाओं की कमी: महिला प्रशिक्षुओं का आरोप था कि 600 प्रशिक्षुओं के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, जबकि क्षमता केवल 300 की है.
- पानी और खाने की समस्या: पूरे दिन में प्रशिक्षुओं को आवश्यकता से काफी कम पानी मिल रहा था और खाना भी समय पर नहीं मिल रहा था.
- बाथरूम की समस्या: बाथरूम की संख्या कम होने से लाइन लगानी पड़ रही थी. कुछ प्रशिक्षुओं ने बाथरूम में कैमरे होने का आरोप लगाया है.
गोरखपुर P.A.C. में महिला पुलिस आरक्षियों का धरना प्रदर्शन शुरू!नहाने की प्राइवेसी, ठहरने और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव।महिला आरक्षियों का आरोप – “गालियाँ दी जा रही हैं, मानसिक प्रताड़ना की जा रही है।”
वीडिओ वायरल……@UPGovt@myogiadityanath @Uppolice pic.twitter.com/wZiQqXlKWQ— Harsh Gupta (@ReporterHarsh) July 23, 2025
हंगामे के दौरान की स्थिति
हंगामे के दौरान महिला प्रशिक्षु सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने लगीं और फूट-फूटकर रोने लगीं. एक प्रशिक्षु बेहोश हो गई जिसे एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया. कुल पांच महिला प्रशिक्षुओं को डिहाइड्रेशन की शिकायत के कारण अस्पताल ले जाया गया.
- महिला प्रशिक्षु सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने लगीं और फूट-फूटकर रोने लगीं.
- एक प्रशिक्षु बेहोश हो गई जिसे एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया.
- कुल पांच महिला प्रशिक्षुओं को डिहाइड्रेशन की शिकायत के कारण अस्पताल ले जाया गया.
अधिकारियों की कार्रवाई
मामला गरमाने के बाद आईजी (पीएसी) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक पीटीआई पर एक्शन लिया है. अधिकारियों ने प्रशिक्षुओं को समझाया और समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया. जांच के आदेश दिए गए हैं और अधिकारी पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं.
- आईजी (पीएसी) ने एक पीटीआई को निलंबित कर दिया.
- अधिकारियों ने प्रशिक्षुओं को समाधान करने का आश्वासन दिया.
- जांच के आदेश दिए गए हैं और अधिकारी पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं.
कैमरे की बात को अधिकारी ने नकारा
इस मामले में गोरखपुर आईजी (पीएसी) प्रतिंदर कुमार सिंह ने कहा कि पूरे मामले की गहनता से जांच कराई जा रही है. कुछ तकनीकी वजहों से रात में कुछ देर के लिए लाइट गई थी और समस्याएं थीं जिन्हें तत्काल दूर किया गया है. उन्होंने बाथरूम में सीसी कैमरा लगाने के आरोपों पर कहा कि यह पूरी तरह गलत है और ऐसा कोई कैमरा नहीं लगाया गया है जो किसी की निजता भंग कर सके. उन्होंने कहा कि अधिकारी पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं और समस्याओं का निस्तारण कर लिया जाएगा.
26वीं बटालियन पीएसी, गोरखपुर में नियुक्त रिक्रूट महिला आरक्षियों द्वारा व्यक्त की गई समस्याओं के निराकरण एवं कृत कार्यवाही के सम्बन्ध में आईजी पीएसी मध्य जोन की वीडियो बाइट ।@Uppolice @dgpup pic.twitter.com/w5WcFzuqPJ
— ADG PAC UP (@adgpacup) July 23, 2025
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सरकार की छवि पर पड़ता है असर
जाहिर है सैनिकों को प्रशिक्षण के लिए सरकार पर्याप्त खर्च करती है. ट्रेनिंग के दौरान उन्हें सारी सुविधाएं दी जाती हैं. इसके लिए सेंटर के पास पर्याप्त बजट भी होता है. इसके बाद भी किसी की लापरवाही या किसी गड़बड़ी के कारण प्रशिक्षुओं को अगर प्रदर्शन करना पड़ता है तो इससे कई तरह के सवाल खड़े होते हैं. क्योंकि, परोक्ष रूप से जब इस तरह के मामले मीडिया में आते हैं तो पहला सवाल सरकार पर ही उठाए जाते हैं. कोई भी इस बात की तह में जाकर नहीं जानना चाहता है कि आखिर लापरवाही, गड़बड़ी या भ्रष्टाचार किसने किया है. अब देखना होगा इस मामले की जांच में क्या सामने आता है?
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