ग्रेटर नोएडा में इंजीनियर की डूबने से मौत हुई थी
Noida Engineer Death case: उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में निर्माणाधीन साइट पर पानी से भरे गड्ढे में कार गिरने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई थी. इस मामले में अब बिल्डरों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है. पुलिस ने बिल्डर अभय कुमार और निर्मल सिंह के नोएडा ऑफिसों को सील कर दिया है. एक दिन पहले ही CM योगी के निर्देश पर इस मामले में SIT का गठन किया गया था, और अथॉरिटी के CEO हटाए गए थे.
अभी खबर आ रही है कि इस मामले में पुलिस ने आरोपित बिल्डर अभय कुमार और निर्मल सिंह के नोएडा स्थित दो ऑफिसों को सील कर दिया गया है. अभय कुमार का ऑफिस सेक्टर 62 में बिल्डिंग टावर-ए, सातवीं मंजिल पर है. वहीं, निर्मल सिंह (निर्मल कुमार) का कॉरपोरेट ऑफिस सेक्टर 126 में प्लॉट नंबर-18, छठी मंजिल पर स्थित है. पुलिस ने इन ऑफिसों को पूरी तरह बंद कर जांच शुरू की है.
ऐसे हुई थी 27 साल के इंजीनियर की मौत
सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता के साथ जानलेवा हादसा 16-17 जनवरी की रात को हुआ. 27 साल के युवराज गुरुग्राम से घर लौट रहे थे. घने कोहरे के कारण उनकी एसयूवी अनियंत्रित हो गई और निर्माण स्थल के पास दीवार तोड़कर गहरे पानी भरे बेसमेंट में गिर गई. युवराज ने काफी देर तक मदद की गुहार लगाई, लेकिन बचाव में देरी हुई और वे डूब गए. इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी.

आरोपियों पर FIR, पुलिस की कार्रवाई
इस हादसे के पांच दिन बाद यानी 21 जनवरी को नॉलेज पार्क पुलिस स्टेशन में अभय कुमार, निर्मल सिंह समेत पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी. इसमें लापरवाही से मौत का कारण बनने के आरोप लगे हैं. FIR में निर्माण साइट पर सुरक्षा के इंतजाम न करने और गड्ढे को खुले छोड़ देने की बात कही गई है. पुलिस का कहना है कि बिल्डरों की लापरवाही से यह हादसा हुआ.
एनजीटी ने दिया कई विभागों को नोटिस
एनजीटी ने खुद संज्ञान लेते हुए कई विभागों को नोटिस जारी किया है. उत्तर प्रदेश सरकार ने SIT गठित की है. नोएडा अथॉरिटी के सीईओ को हटाया गया और एक जूनियर इंजीनियर बर्खास्त हुआ. बिल्डर अभय कुमार को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. लोग कह रहे हैं कि इलाके में कई जगहों पर ऐसे खतरनाक गड्ढे खुले पड़े हैं, जो मौत का जाल बने हुए हैं.
युवराज की फैमिली और लोगों का गुस्सा
युवराज के परिवार का कहना है कि यह हादसा नहीं, लापरवाही से हुई हत्या है. सोशल मीडिया पर लोग सिस्टम की खामियों पर सवाल उठा रहे हैं. पुलिस ने कहा है कि जांच जारी है और बाकी आरोपियों को भी जल्द पकड़ा जाएगा. यह मामला अब सिर्फ एक हादसे से आगे बढ़कर प्रशासन की जवाबदेही का सवाल बन गया है.
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