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Air Pollution: ग्रेटर नोएडा की हवा फिर ‘डार्क रेड जोन’ में, ग्रेनो वेस्ट बना देश का सबसे प्रदूषित इलाका

ग्रेटर नोएडा और ग्रेनो वेस्ट की हवा बेहद खतरनाक स्तर तक प्रदूषित हो गई है. मंगलवार को ग्रेनो वेस्ट का AQI 478 और ग्रेटर नोएडा का AQI 454 दर्ज किया गया, जिससे यह देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया है.

Air Pollution: ग्रेटर नोएडा और आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण लगातार चिंताजनक स्तर पर बना हुआ है. मंगलवार को शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 430 दर्ज किया गया, जबकि इससे भी खराब स्थिति ग्रेनो वेस्ट की रही, जहां AQI खतरनाक स्तर 478 तक पहुंच गया. यह इस सीजन का सबसे प्रदूषित दिन रहा.

ग्रेटर नोएडा की हवा में कोई सुधार नहीं

सर्दी की शुरुआत के साथ ही दिल्ली-एनसीआर की हवा भारी होती जा रही है. इस बार अक्टूबर से 7 नवंबर तक प्रदूषण अपेक्षाकृत कम था, लेकिन ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, प्रशासन और यूपीपीसीबी की लापरवाही के कारण हालात तेजी से खराब हुए हैं. पिछले 11 दिनों से लगातार ग्रेनो की हवा प्रदूषित श्रेणी में है.

मंगलवार को ग्रेटर नोएडा का AQI बढ़कर 454 हो गया, जिससे यह देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया. इस माह चौथी बार AQI 400 के पार पहुंचा है. वहीं नोएडा 390 AQI के साथ देश का पांचवां सबसे प्रदूषित शहर रहा. स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में कहीं भी प्रदूषण रोकथाम के प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे, जिससे स्थिति बिगड़ती जा रही है.

ग्रेनो वेस्ट में हालात सबसे खराब

ग्रेटर नोएडा से ज्यादा प्रदूषण ग्रेनो वेस्ट में दर्ज किया गया. यहां मंगलवार को AQI 478 रहा, जो बेहद खतरनाक स्तर है. विशेषज्ञों के अनुसार निर्माण कार्य, उड़ती धूल और हरियाली की कमी इसके मुख्य कारण हैं.

कब-कब 400 के पार गया ग्रेटर नोएडा का AQI
तिथि         AQI
11 नवंबर   406
15 नवंबर   418
16 नवंबर   419
18 नवंबर   454
पिछले पांच दिन में ग्रेनो का AQI
तिथि          AQI
18 नवंबर   454
17 नवंबर   390
16 नवंबर   419
15 नवंबर   368
14 नवंबर   377
18 नवंबर को देश के टॉप-5 प्रदूषित शहर
शहर          AQI
ग्रेटर नोएडा  454
गाजियाबाद  434
हापुड़           398
बागपत         397
नोएडा          390

UPPCB सख्त, नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई

ग्रेनो यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी विकास मिश्रा ने बताया कि विभाग की टीमें क्षेत्र में लगातार निरीक्षण कर रही हैं. “ग्रेप नियमों का उल्लंघन करने वालों की रिपोर्ट प्राधिकरण को भेजी जाएगी, ताकि उनके खिलाफ जुर्माना लगाया जा सके. कार्रवाई ना होने की वजह से अभी नियम टूट रहे हैं.”

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-भारत एक्सप्रेस



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