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Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
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हाथी, घोड़ों और 250 कलाकारों के साथ 16वीं सदी का दृश्य जीवंत: गाजियाबाद के सनसिटी में ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ का भव्य आगाज

गाजियाबाद के सनसिटी में छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित विश्व के सबसे बड़े ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ का सजीव मंचन शुरू हो गया है. ‘भारत एक्सप्रेस’ इस भव्य सांस्कृतिक आयोजन का आधिकारिक मीडिया पार्टनर है. पढ़ें पहले दिन की रिपोर्ट

गाजियाबाद (22 अक्टूबर 2026): उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित सनसिटी में गुरुवार को छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित विश्व के सबसे बड़े ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ का भव्य और गरिमामयी मंचन शुरू हो गया. ‘भारत एक्सप्रेस’ इस सात दिवसीय सांस्कृतिक महाकुंभ का आधिकारिक मीडिया पार्टनर है. महाराष्ट्र से आए कलाकारों ने जैसे ही मंच से ‘जय जय जय भवानी, जय शिवाजी’ का गगनभेदी उद्घोष किया, पूरा सनसिटी प्रांगण राष्ट्रभक्ति की असीम ऊर्जा और उत्साह से सराबोर हो उठा.

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक मराठी अंदाज में भगवान श्रीगणेश की आराधना ‘जयदेव, जयदेव जय मंगलमूर्ति’ से हुआ. इसके पश्चात अग्नि अखाड़े के सचिव आचार्य सुमेश्वरानंद जी महाराज, राजस्थान के पूर्व राज्यपाल डॉ. कलराज मिश्र, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संपर्क प्रमुख रामलाल, दिव्य प्रेम सेवा मिशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गौतम और गणमान्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर महानाट्य का उद्घाटन किया.

हाथी, घोड़ों और तोपों से सजीव हुआ 16वीं सदी का दृश्य

मंच पर उतरे 250 से अधिक कुशल कलाकारों, सजे-धजे घोड़ों, हाथियों, असली तोपों और तलवारों के जीवंत अभिनय ने दर्शकों के सामने 16वीं सदी का ऐतिहासिक कालखंड साक्षात खड़ा कर दिया. विशेष रूप से उस भावुक दृश्य पर पूरा पंडाल स्तब्ध रह गया, जब मां तुलजा भवानी की आराधना करते हुए वीर माता जीजाबाई ने क्रूर मुगल साम्राज्य से भारतभूमि को मुक्त कराने की प्रार्थना की. दर्शकों की आंखें नम हो गईं और पूरा परिसर ‘छत्रपति शिवाजी महाराज की जय’ के नारों से गूंज उठा.

‘सनातन संस्कृति सेवा और समावेश की पहचान’: रामलाल

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए आरएसएस के संपर्क प्रमुख रामलाल ने कहा:

“भारत आदिकाल से ही संपूर्ण विश्व की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का ध्वजवाहक रहा है. हमारी सनातन संस्कृति पूर्णतः समावेशी और सेवाभावी है. दिव्य प्रेम सेवा मिशन इसी पावन संस्कृति के संरक्षण और प्रचार-प्रसार का उत्कृष्ट कार्य कर रहा है. अध्यक्ष डॉ. आशीष गौतम ने सेवा की भावना को जाग्रत कर देश की युवा पीढ़ी को सही मार्ग दिखाने का अभिनंदनीय प्रयास किया है.”

पूर्व राज्यपाल डॉ. कलराज मिश्र ने आयोजकों को साधुवाद देते हुए कहा कि दिल्ली-एनसीआर की धरा पर युवाओं के भीतर राष्ट्रप्रेम और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना जगाने के लिए ‘जाणता राजा’ का मंचन एक युगांतकारी पहल है.

‘युवा पीढ़ी को विदेशी अपसंस्कृति से बचाएंगे शिवाजी के संस्कार’

दिव्य प्रेम सेवा मिशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गौतम (भैया जी) ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में शिवाजी महाराज के आदर्शों को जन-जन, विशेषकर नई पीढ़ी तक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने कहा कि आज के विषाक्त माहौल में प्रत्येक परिवार का यह कर्तव्य है कि वह अपने बच्चों को विदेशी अपसंस्कृति के प्रभाव से दूर रखे और उन्हें माता जीजाबाई, छत्रपति शिवाजी तथा समर्थ गुरु रामदास के संस्कारों से जोड़े.

पहले ही दिन पहुंचे हजारों दर्शक, जुटे कई दिग्गज

पहले दिन के मंचन को देखने के लिए दिल्ली-एनसीआर से हजारों की संख्या में छात्र, युवा और प्रबुद्ध नागरिक पहुंचे. वरिष्ठ पत्रकार दीपक चौरसिया भी सपरिवार महानाट्य का दर्शन करने पहुंचे. इसके अलावा भाजपा के महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर, दिव्य प्रेम सेवा मिशन के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. संजय चतुर्वेदी, सह संयोजक राघवेंद्र सिंह सहित कई प्रशासनिक, सामाजिक व राजनीतिक हस्तियां उपस्थित रहीं.

यह महानाट्य आगामी 28 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम 4:30 बजे से लगातार प्रस्तुत किया जाएगा. आने वाले दिनों में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी, दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता समेत कई राज्यों के राज्यपाल, केंद्रीय मंत्री और प्रमुख अखाड़ों के संत महामंचन में शिरकत करेंगे.

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