उत्तर प्रदेश के महोबा में भाजपा के आंतरिक विवाद का पटाक्षेप हो गया है. पूर्व जिला मंत्री दीपाली तिवारी द्वारा जिलाध्यक्ष मोहन लाल कुशवाहा पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद पार्टी ने जांच समिति गठित की थी. भारी फजीहत के उपरांत जांच समिति के सदस्यों ने दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया.
समझौते के अनुसार, घर की बात घर में ही रहेगी. दीपाली तिवारी भाजपा में बनी रहेंगी और दोनों पक्षों ने पुलिस में दर्ज शिकायतों को वापस लेने का फैसला किया है. तय हुआ कि आगे कोई सार्वजनिक विवाद नहीं किया जाएगा.
जांच समिति की सदस्य कलावती सिंह ने दीपाली तिवारी और मोहन लाल कुशवाहा के साथ फोटो भी खिंचवाई, जो समझौते का प्रतीक माना जा रहा है. भाजपा कन्नौज बुदेलखंड क्षेत्र की ओर से जारी पत्र में जांच टीम का गठन किया गया था, जिसमें कमलावती सिंह और सतविलास शिखरे शामिल थे.
प्रदेश स्तर पर भी इस मामले की जानकारी दी गई है. स्थानीय स्तर पर यह समझौता भाजपा की एकता को मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है. हालांकि, विपक्षी दलों ने इस पूरे प्रकरण पर सवाल उठाए हैं.
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