पश्चिमी यूपी के सबसे बड़े मेडिकल सेंटर LLRM मेडिकल कॉलेज (LLRM Medical College) में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है. हादसे में घायल सुनील आधी रात को तड़पता हुआ इमरजेंसी पहुंचा, लेकिन ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर (doctors) नींद में डूबे रहे. इलाज न मिलने से सुनील ने वहीं दम तोड़ दिया. घटना के बाद हड़कंप मच गया. जांच में लापरवाही की पुष्टि होते ही मेडिकल प्रशासन ने दो जूनियर डॉक्टरों को सस्पेंड कर दिया गया है.
घटना के बाद हड़कंप
मेरठ के गांव हसनपुर के प्रधान ने डीएम व सीएमओ को फोन पर की शिकायत की गई तो मेडिकल कालेज में हड़कंप मच गया. मेडिकल कालेज के उप प्रधानाचार्य व हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डा. ज्ञानेश्वर टोंक ने आरोपित जूनियर डॉक्टर भूपेश और अनिकेत को निलंबित कर दिया है. मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल डॉ. आरसी गुप्ता का कहना है इस मामले में तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाकर जांच आने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी.
परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा, इमरजेंसी स्टाफ कुर्सियों पर सोता रहा और बार-बार कहने पर भी किसी ने ध्यान नहीं दिया और उसकी हालत गंभीर हो गई जब एक कर्मचारी ने एक्स-रे के बिना ही सुनील का पैर काटने को कहा, दस्तखत कराने की कोशिश की, लेकिन परिजनों ने इसका विरोध जताया.
इसके बाद घायल को ‘लावारिस’ बताकर भर्ती किया गया, लेकिन समय रहते इलाज न मिलने के कारण कुछ देर में ही उसकी मौत हो गई. ग्रामीणों ने घटना को लेकर कड़ी नाराजगी जताई और मांग की कि लापरवाह स्टाफ को तत्काल सस्पेंड किया जाए.
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भारत एक्सप्रेस
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