फोटो क्रेडिट- भारत एक्सप्रेस
Meerut Police Custody Case: मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर हुए प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बाद अब पुलिस हिरासत में कथित मारपीट का मामला सामने आया है. किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. दिग्विजय भाटी ने वीडियो जारी कर अपनी आपबीती बताई है. वीडियो और सामने आई तस्वीरों में उनकी आंख के आसपास गंभीर सूजन और हाथों पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं.
SSP के चैंबर में पिटाई का आरोप
दिग्विजय भाटी का आरोप है कि वह मोहित जाटव के साथ मेरठ के तत्कालीन SSP अविनाश पांडे से मिलने पहुंचे थे. आरोप के मुताबिक, वहां SSP उनका नाम सुनते ही नाराज हो गए और दोनों को अपने चैंबर में ले जाकर करीब डेढ़ घंटे तक पीटा गया. भाटी ने जूते, घूंसे और लात से मारने का आरोप लगाया है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
SOG ऑफिस में भी मारपीट का दावा
भाटी के मुताबिक, इसके बाद दोनों को SOG के हवाले कर दिया गया. उन्होंने सिविल लाइंस इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ पर भी गंभीर आरोप लगाए. दावा है कि SOG कार्यालय में दोनों के पैर बांधकर कथित तौर पर उल्टा लटकाया गया और तलवों, कमर तथा पीठ पर लाठी और फट्टों से मारपीट की गई.
वीडियो सामने आने के बाद बढ़ा विवाद
दिग्विजय भाटी का वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है. इससे पहले भी ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर मेरठ में प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और तत्कालीन SSP अविनाश पांडे के व्यवहार का वीडियो वायरल हुआ था. उस घटना में SSP को प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट करते हुए दिखाए जाने का दावा किया गया था. पुलिस ने उस समय कहा था कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बिगड़ी थी और कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की गई.
यह भी पढ़ें: ‘सुहागरात में हो गई थी बात’, बहन दिव्या की हत्या पर प्रज्ञा मिश्रा ने किया खुलासा
SSP को मेरठ से हटाया गया
पुलिस हिरासत में कथित मारपीट के आरोपों और दिग्विजय भाटी की चोटों का वीडियो सामने आने के बाद अविनाश पांडे को मेरठ से हटाकर लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय से संबद्ध किए जाने की जानकारी सामने आई है. मामले में अब आरोपों की निष्पक्ष जांच और अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं. फिलहाल दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. वहीं, संबंधित पुलिस अधिकारियों पर आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजर है.
भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



