देशभर में दिवाली का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है. इस मौके पर काशी से एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने लोगों का ध्यान खींचा है. यहां मुस्लिम महिलाओं ने भगवान राम और माता सीता की आरती उतारकर दिवाली मनाई. महिलाओं ने हनुमान चालीसा का पाठ भी किया और हाथ जोड़कर भगवान से आशीर्वाद मांगा. इस आयोजन के जरिए उन्होंने आपसी भाईचारे और साझा सांस्कृतिक परंपराओं का संदेश दिया.
नाजनीन अंसारी ने पूर्वजों को लेकर कही बड़ी बात
मुस्लिम महिला फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नाजनीन अंसारी भी इस आयोजन में शामिल रहीं. उन्होंने कहा कि धर्म बदलने से किसी की पहचान अरबी, तुर्की या ईरानी नहीं हो जाती. भारत में रहने वाले सभी लोगों के पूर्वज भगवान श्रीराम ही हैं. उनका कहना है कि धर्म भले बदल जाए, लेकिन पूर्वज और परंपराएं नहीं बदलतीं. नाजनीन के इस बयान ने दिवाली के मौके पर एक अलग चर्चा शुरू कर दी है.
चित्रकूट में 500 ड्रोन से दिखाई गई रामायण
चित्रकूट में भी दिवाली पर खास आयोजन देखने को मिला. श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी नदी में आस्था की डुबकी लगाई और दीपदान किया. रात होते ही आसमान में 500 ड्रोन की मदद से रामायण की कहानी दिखाई गई. करीब 30 मिनट तक चले इस शो में भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और रामायण के दूसरे पात्रों की आकृतियां रोशनी के जरिए आसमान में नजर आईं. प्रमुख प्रसंगों को देखकर ऐसा लगा, जैसे त्रेतायुग की कहानी सामने जीवंत हो गई हो. लोग इस नजारे पर तालियां बजाते रहे और पूरा माहौल जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा.
बिजनौर और वृंदावन में भी दिखी दिवाली की रौनक
बिजनौर में सपा जिलाध्यक्ष हनी फैसल ने 2,027 मिट्टी के दीयों से पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की तस्वीर तैयार की. वहीं, वृंदावन के प्रसिद्ध राधावल्लभ मंदिर में परंपरा के मुताबिक चौसर खेला गया. भगवान के प्रतिनिधि बनकर पुजारियों ने पासे फेंके. मंदिर में शह और मात का यह खेल कई घंटों तक चलता रहा.
– भारत एक्सप्रेस
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