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देश में खड़ा हुआ नया RSS! CM योगी के मंत्री ने बनाई अपनी ‘फौज’, क्या है इस सेना का मकसद?

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का नाम तो आपने सुना होगा. इसे शॉर्ट फॉर्म में RSS कहते हैं. हालांकि, अब उत्तर प्रदेश में नई RSS बनकर तैयार हो गई है. आइये जानें क्या है यह पूरा मामला?

New RSS in UP OP Rajbhar formed Rashtriya Suheldev Sena Know SBSP Plan

RSS का नाम सुनते ही आपके दिमाग में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आता होगा. जाहिर है क्यों न आए, अभी तक देश में इस नाम से और कोई संगठन है ही नहीं. हालांकि, उत्तर प्रदेश के लिए अब ये बात पुरानी होने चली है. क्योंकि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्री ने अपनी नए सेना खड़ी कर दी है. उसका नाम भी RSS रखा गया है. हालांकि, यहां स्वयं सेवक की जगह नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आजादी हिंद फौज की तरह पद नाम दिए गए हैं और बाकायदा वर्दी भी बनवाई गई है.

योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के चीफ ओम प्रकाश राजभर ने ‘राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना’ (RSS) नामक अपनी सेना बनाई है. सैनिकों को नीली वर्दी, पीली बेल्ट और पीला डंडा दिया गया है. आइये जानें क्या है ये पूरा मामला?

सुहेलदेव की सेना की विशेषताएं

इस सेना में कमांडर, सीओ और इंस्पेक्टर जैसे पद हैं. सैनिकों को नीले रंग की यूनिफॉर्म, पीली बेल्ट, कंधे पर सितारे, छाती पर बैच, सिर पर बैरेट कैप और हाथ में पीला डंडा दिया गया है. राजभर का कहना है कि गांवों के युवाओं को कौशल विकास के रास्ते पर लाने के लिए उन्होंने यह सेना तैयार की है, जो लोगों का सहयोग करेगी. सेना में लोगों को कमांडर, सीओ, डीएसपी, एसआई और इंस्पेक्टर जैसे पद दिए गए हैं. इन पदों के हिसाब से कंधों पर सितारे लगे हैं. ओम प्रकाश राजभर ने कहा है कि-

‘गांवों के युवाओं को कौशल विकास के रास्ते पर लाने के लिए उन्होंने यह सेना तैयार की है, जो लोगों का सहयोग करेगी. उन्होंने कहा है कि सेना के माध्यम से वे लोगों को ट्रेनिंग दिलाना चाहते हैं और उन्हें समाज सेवा के लिए तैयार करना चाहते हैं.’

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क्या करेगी राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना?

राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना की शुरुआत प्रदेश के 22 जिलों में की गई है. राजभर का शुरुआत लक्ष्य अपनी आर्मी में एक लाख लोगों को जोड़ना है. वे सेना के माध्यम से लोगों को ट्रेनिंग दिलाना चाहते हैं. रिटायर्ड आईएएस-पीसीएस और लेखपाल आदि भी राजभर के सैनिकों को ट्रेनिंग देंगे. इससे उनका कौशल विकास होगा.



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