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साड़ी के अंदर गांजा! नोएडा पुलिस ने कुरियर से आ रहे गांजा रैकेट का किया भंडाफोड़

गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है. थाना सेक्टर-20 पुलिस और एसओजी टीम की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के सरगना समेत दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया गया है.

गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गांजा तस्करी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है. यह पूरा मामला तब सामने आया जब थाना सेक्टर-20 पुलिस और एसओजी टीम को 2 जून की रात एक गोपनीय सूचना मिली. सूचना मिलते ही सेक्टर-17 इलाके में संयुक्त अभियान चलाया गया और पुलिस ने मौके से दो लोगों को पकड़ लिया.

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अयोध्या निवासी शुभम पाठक और शिवम दूबे के रूप में हुई है. दोनों फिलहाल दिल्ली के मयूर विहार फेस-2 के ईस्ट विनोद नगर इलाके में रह रहे थे और लंबे समय से एनसीआर में गांजे की सप्लाई का नेटवर्क चला रहे थे.

साड़ी के अंदर छिपाकर होती थी तस्करी

पुलिस जांच में जो तरीका सामने आया, वह काफी चौंकाने वाला है. आरोपी बेहद शातिर तरीके से गांजे की सप्लाई करते थे. वे पश्चिम बंगाल के रास्ते अलग-अलग कोरियर कंपनियों का इस्तेमाल कर माल मंगवाते थे. सबसे खास बात यह थी कि गांजे को साड़ियों की पैकिंग के अंदर छिपाया जाता था, ताकि किसी को शक न हो.

ये पार्सल अक्सर फर्जी या अधूरे पते पर भेजे जाते थे. जैसे ही डिलीवरी के लिए पार्सल पहुंचता, उससे पहले ही आरोपी फोन के जरिए संपर्क करके उसे हासिल कर लेते थे. इस तरीके से वे लंबे समय तक पुलिस और जांच एजेंसियों की नजर से बचते रहे.

करोड़ों का नेटवर्क और हाई-क्वालिटी गांजा

पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह का नेटवर्क काफी बड़ा है और यह ओडिशा, आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों से गांजा मंगवाता था. पूछताछ में यह भी पता चला कि यह गांजा विशेष प्रोसेसिंग और रासायनिक प्रक्रिया से तैयार किया जाता था, जिससे इसकी नशे की क्षमता सामान्य गांजे से कहीं ज्यादा होती थी. इसी वजह से इसकी बाजार में मांग और कीमत दोनों काफी अधिक थीं. बरामद किए गए 37 किलो 696 ग्राम गांजे की कीमत करीब 20 से 25 लाख रुपये आंकी जा रही है.

आरोपियों पर पहले से कई मामले दर्ज

एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है. साथ ही पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के बाकी सदस्यों और सप्लाई चेन की तलाश में जुट गई है.

जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह का सरगना शुभम पाठक पहले से ही गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल रहा है. उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट जैसे कई केस दर्ज हैं. पुलिस का कहना है कि इस पूरे रैकेट की परतें जल्द पूरी तरह खोली जाएंगी और बाकी आरोपियों पर भी कार्रवाई होगी.

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-भारत एक्सप्रेस



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