OP Rajbhar on akhilesh yadav
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन राजनीतिक माहौल अभी से गरमाने लगा है. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी लगातार तेज हो रही है. इसी कड़ी में योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर एक बार फिर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर हमलावर नजर आए हैं.
पिछले करीब एक महीने से राजभर लगभग रोजाना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी को निशाना बना रहे हैं. कभी वह सपा में टूट का दावा करते हैं तो कभी पार्टी के नेता अखिलेश को PDA की राजनीति पर घेरते हैं. उनके लगातार आ रहे बयानों ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है.
दादरी रैली को लेकर साधा निशाना
सोमवार को किए गए अपने ताजा पोस्ट में ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए लिखा, “गुड मॉर्निंग अखिलेश जी, उठ जाइए… सुबह हो चुकी है. कितना सोएंगे महाराज?”
इसके बाद उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में दावा किया कि उन्होंने सपने में देखा है कि अखिलेश यादव चुनाव तक आराम की मुद्रा में ही रहने वाले हैं. राजभर ने आगे कहा कि दादरी की रैली के बाद समाजवादी पार्टी को अपनी राजनीतिक स्थिति का अंदाजा हो गया है और इसी वजह से अब दूसरी रैली करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि सपा के ही कुछ करीबी लोग बता रहे हैं कि दादरी की रैली उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी, जिससे पार्टी नेतृत्व निराश और हताश है.
गुड मॉर्निंग अखिलेश जी। उठ जाइए, सुबह हो चुकी है। कितना सोयेंगे महाराज।
अच्छा सुनिए। आज मैंने सपने में देखा कि आप चुनाव तक आराम की मुद्रा में ही रहने वाले हैं। यानी ऐसे ही सोए रहेंगे।
सपने से याद आया कि दादरी की फ्लॉप रैली के बाद आपको समझ आ गया कि आपकी ज़मीन अब खोखली हो चुकी…
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) July 6, 2026
‘सिर्फ एक वोट बैंक से बात नहीं बनेगी’
अपने पोस्ट में राजभर ने आगे लिखा कि वह अखिलेश यादव के “मित्र” हैं, इसलिए उनकी चिंता करते हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सिर्फ यादव और मुस्लिम वोटों के भरोसे चुनाव नहीं जीता जा सकता. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया या एयर कंडीशनर वाले कमरों में बैठकर राजनीति करने से चुनाव नहीं जीते जाते. आखिर में उन्होंने मशहूर पंक्ति “उठ जाग मुसाफिर भोर भयो” लिखकर अपना संदेश खत्म किया.
लगातार कर रहे हैं सपा पर हमले
बीते कुछ हफ्तों में ओपी राजभर कई बार दावा कर चुके हैं कि समाजवादी पार्टी के कई नेता बीजेपी के संपर्क में हैं और आने वाले समय में पार्टी में बड़ी टूट देखने को मिल सकती है. उन्होंने मुरादाबाद से लेकर मेरठ तक संगठन में मतभेद और अंदरूनी खींचतान की बातें भी कही हैं. हालांकि, समाजवादी पार्टी की ओर से इन दावों को लेकर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.
कभी थे गठबंधन के साथी
गौरतलब है कि 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में ओम प्रकाश राजभर और अखिलेश यादव ने गठबंधन कर चुनाव लड़ा था. चुनाव परिणाम आने के बाद दोनों नेताओं के रिश्तों में खटास आ गई. इसके बाद राजभर ने एनडीए का दामन थाम लिया और बाद में योगी आदित्यनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाए गए.
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तब से दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक दूरी लगातार बढ़ती गई है. राजभर अक्सर सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों से अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते रहते हैं. माना जा रहा है कि 2027 विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ प्रदेश की राजनीति में इस तरह की बयानबाजी और तेज हो सकती है.
-भारत एक्सप्रेस
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