Bharat Express DD Free Dish

मेरठ से प्रयागराज अब सिर्फ 6 घंटे: पीएम मोदी हरदोई से देश को सौंपेंगे 594 KM लंबा एक्सप्रेसवे

पीएम मोदी वाराणसी में काशी विश्वनाथ पूजन के बाद हरदोई में 36,230 करोड़ के गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे. जानें 594 KM लंबे इस एक्सप्रेसवे की खासियतें.

pm-modi-to-inaugurate-ganga-expressway-up-development

पीएम मोदी बुधवार को वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे, जिसके बाद वे हरदोई के लिए रवाना होंगे. एक आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री सुबह करीब 8:30 बजे मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे. इसके बाद, वे हरदोई की यात्रा करेंगे और सुबह करीब 11:30 बजे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे. इस अवसर पर वे एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे.

गंगा एक्सप्रेसवे अत्याधुनिक हाई-स्पीड कॉरिडोर

गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन देश में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा. यह एक्सप्रेसवे 594 किलोमीटर लंबा, 6-लेन वाला, एक्सेस-नियंत्रित ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर है, जिसे लगभग 36,230 करोड़ रुपए की कुल लागत से बनाया गया है.

12 जिलों को जोड़ने वाली लाइफलाइन

यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी क्षेत्रों को एक साथ जोड़ता है. यह मुख्य रूप से 12 जिलों से होकर गुजरता है. इस परियोजना से मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा के समय में भारी कमी आएगी. वर्तमान में लगने वाले 10-12 घंटों के बजाय अब यह यात्रा मात्र 6 घंटे में पूरी हो सकेगी.

  1. मेरठ
  2. बुलंदशहर
  3. हापुड़
  4. अमरोहा
  5. संभल
  6. बदायूं
  7. शाहजहांपुर
  8. हरदोई
  9. उन्नाव
  10. रायबरेली
  11. प्रतापगढ़
  12. प्रयागराज

आर्थिक और सामरिक महत्व

इस परियोजना की एक मुख्य विशेषता शाहजहांपुर जिले में 3.5 किलोमीटर लंबी ‘आपातकालीन लैंडिंग सुविधा’ (हवाई पट्टी) का निर्माण है. एक्सप्रेसवे के रास्ते में पड़ने वाले 12 जिलों में लगभग 2,635 हेक्टेयर जमीन पर इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स गलियारों का विकास किया जाएगा. बेहतर कनेक्टिविटी से किसानों को शहरी और निर्यात बाजारों तक सीधी पहुंच मिलेगी, जिससे ग्रामीण आय मजबूत होगी.

ये भी पढ़ें: चीन-पाक की उड़ी नींद! भारत आ रही रूसी S-400 की चौथी खेप, अब आसमान में परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा

एक्सप्रेसवे नेटवर्क की रीढ़

गंगा एक्सप्रेसवे राज्य में एक्सप्रेसवे के एक बड़े नेटवर्क की रीढ़ के तौर पर काम करेगा. इसके साथ कई लिंक गलियारे या तो चालू हो चुके हैं या नियोजित हैं, जिनमें आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, जेवर लिंक एक्सप्रेसवे और मेरठ से हरिद्वार तक प्रस्तावित विस्तार शामिल हैं. यह एक्सप्रेसवे लॉजिस्टिक्स की लागत को कम कर मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की प्रतिस्पर्धा को वैश्विक स्तर पर बढ़ाएगा.



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read