UP Bypoll Poster War: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की कुछ सीटों पर होने वाले उपचुनाव (UP Bypoll) के बीच पोस्टर वार छिड़ चुका है. कुछ दिन पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Aditayanath) ने ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ का नारा दिया था. अब इसके जवाब में एक नया नारा चुनावी मैदान में सामने आया है. ये नारा है, ‘जुड़ेंगे तो जीतेंगे’.
दरअसल ये नारा समाजवादी पार्टी (SP) की ओर से दिया गया है. इस नारे से संबंधित एक पोस्ट को सपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने सोशल साइट X पर शेयर किया है.
यह पोस्ट सुधीर पवार ने शेयर किया है, जिसे शेयर करते हुए अखिलेश ने लिखा है, ‘जिनका नजरिया जैसा, उनका नारा वैसा!’ इसके साथ ही उन्होंने दो हैशटैग्स भी दिए हैंं, #जुडेंगे_तो_जीतेंगे और #सकारात्मक_राजनीति. सुधीर पवार के पोस्ट के साथ योगी की तस्वीर के ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ लिखा हुआ फोटो भी शेयर किया गया है.
मालूम हो कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में आगरा में हुई एक जनसभा में ‘बंटेंगे तो काटेंगे’ का नारा दिया था. इसके बाद से लगातार इस पर चर्चा तेज हुई है.
योगी ने आगरा में हुए कार्यक्रम के दौरान कहा था, ‘आप देख रहे हैं बांग्लादेश में क्या हो रहा है? वो गलतियां यहां नहीं होनी चाहिए. बटेंगे तो कटेंगे, एक रहेंगे तो नेक रहेंगे, सुरक्षित रहेंगे और समृद्धि की पराकाष्ठा पर पहुंचेंगे.’
इसके बाद यह नारा तेजी से चर्चा का विषय बन गया था. उनके इस बयान को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का भी समर्थन मिला था. संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने मुख्यमंत्री योगी के ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ वाले बयान पर कहा, ‘हमें इसे आचरण में लाना चाहिए. यह हिंदू एकता और लोक कल्याण के लिए जरूरी है.’
आगामी 13 नवंबर को उत्तर प्रदेश की 9 सीटों पर उपचुनाव होने वाले हैं. इसके बाद से ही राज्य की राजनीति गर्माई हुई है. इस बीच योगी आदित्यनाथ के नारे ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ के बाद यहां पोस्टर वॉर का नया दौर शुरू हो गई है. भाजपा और सपा उपचुनाव में जीत दर्ज करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए हैं. इससे पहले सपा ने ‘कटेंगे तो बाटेंगे’ नारे पर पलटवार करते हुए एक पोस्टर जारी किया था, जिसमें लिखा था कि ‘न बंटेंगे न कटेंगे 2027 में नफरत करने वाले हटेंगे’.
इसी अक्टूबर महीने में सपा नेताओं की ओर से जारी एक और पोस्टर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना था. सपा कार्यालय के बाहर एक विशेष होर्डिंग लगाई थी, जिसमें अखिलेश यादव को प्रभावशाली नेता के रूप में दिखाया गया था. इसमें उन्होंने सिर पर समाजवादी पार्टी की पारंपरिक लाल टोपी पहनी हुई थी और इस पर लिखा था, ‘24 में बरसा जनता का आशीष, दीवारों पर लिखा है, कौन होगा… सत्ताईस का सत्ताधीश.’
पोस्टर वॉर में भाजपा की सहयोगी निषाद पार्टी भी पीछे नजर नहीं आ रही है. बीते दिनों एक पोस्टर के माध्यम से इसने भी 2027 के विधानसभा चुनावों में अपनी अहमियत जताने की कोशिश की थी. इसमें लिखा था, ‘2027 का नारा निषाद है सहारा’. इसमें दीपावली की बधाई दी गई थी. यह होर्डिंग राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास, सपा कार्यालय के पहले और मंत्री संजय निषाद के घर के पास लगाई गई थी.
मालूम हो कि उत्तर प्रदेश की 10 विधानसभा सीटें फिलहाल खाली हैं, लेकिन चुनाव आयोग ने 9 सीटों पर ही उपचुनाव की तारीखों की घोषणा की है. अयोध्या की मिल्कीपुर सीट पर चुनाव नहीं होंगे. बताया जा रहा है कि हाईकोर्ट में दायर याचिका की वजह से मिल्कीपुर में उपचुनाव की तिथि की घोषणा नहीं हो सकी है.
इसके अलावा जिन 9 सीटों पर उपचुनाव होने हैं, उसमें कानपुर की सीसामऊ, प्रयागराज की फूलपुर, मैनपुरी की करहल, मिर्जापुर की मझवां, अंबेडकरनगर की कटेहरी, गाजियाबाद सदर, अलीगढ़ की खैर, मुरादाबाद की कुंदरकी और मुजफ्फरनगर की मीरापुर सीट शामिल है.
-भारत एक्सप्रेस
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