Bharat Express DD Free Dish

पीएम आवास के बदले रिश्वत और धमकी, संभल में ग्राम सचिव का खुला खेल

संभल में दिव्यांग व्यक्ति से पीएम आवास के नाम पर रिश्वत लेकर फर्जी रिपोर्ट से अपात्र घोषित किया गया। शिकायत पर जान से मारने की धमकी का वीडियो वायरल, अब जांच की मांग तेज।

Sambhal PM Awas Case: अंसार मलिक/संभल: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) के नाम पर भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। पूर्ण दिव्यांग राजेश शर्मा को ग्राम सचिव ने रिश्वत लेते हुए फर्जी रिपोर्ट लगाकर अपात्र घोषित कर दिया। वहीं, शिकायत करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई। बता दें कि राजेश अपनी मां और मंदबुद्धि बहन के साथ कच्चे मकान में रहते हैं। उन्होंने डीएम को शिकायती पत्र भेजा था। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उछाल दिया है। यह सरकारी योजनाओं में गहरे भ्रष्टाचार की सच्चाई दिखाता है।

जानिए क्या है पूरा मामला?

राजेश ने ग्राम सचिव मीना कुमारी पर रिश्वत का आरोप लगाते हुए बताया कि आवास दिलाने के नाम पर उनसे 5000 रुपये रिश्वत ली गई। रिश्वत देने के बाद भी आवास स्वीकृत नहीं हुआ। पोर्टल पर फर्जी फोटो लगाकर उनका हक छीन लिया गया। गांव के प्रधान और पूर्व विधायक अजीत यादव उर्फ राजू यादव उन्हें योजना के लिए पूरी तरह पात्र मानते हैं। फिर भी ग्राम विकास अधिकारी ने अपात्र घोषित कर दिया। यह सवाल उठता है कि अगर प्रधान और पूर्व विधायक पात्र मानते हैं तो अधिकारी ने अपात्र कैसे घोषित किया।

दिव्यांग राजेश की दयनीय स्थिति

खलीलपुर गांव के राजेश शर्मा पूर्ण दिव्यांग हैं। वे कच्चे मकान में अपनी मां और मंदबुद्धि बहन के साथ रहते हैं। उनके चार भाइयों में से तीन दूसरे प्रदेशों में नौकरी करते हैं। राजेश ने पोर्टल पर शिकायत संख्या 40020525028214 के तहत आवास के लिए आवेदन किया था। जांच में ग्राम विकास अधिकारी ने फर्जी तरीके से किसी अन्य के पक्के मकान का फोटो लगाकर उन्हें अपात्र घोषित कर दिया। जबकि राजेश का कहना है कि यह सब द्वेषवश हुआ। वे गरीबी रेखा से नीचे आने वाले योजना (PM Awas Yojana) के स्पष्ट पात्र हैं।

ये भी पढ़ें: हैदराबाद के सैफलगुड़ा मंदिर में अभद्र घटना, हिरासत में आरोपी, इलाके में तनाव

सचिव की धमकी का वीडियो हुआ वायरल 

रिश्वत के बाद न्याय न मिलने पर राजेश ने डीएम से शिकायत की। इससे नाराज ग्राम सचिव ने धमकी दी। कहा कि तूने मेरे खिलाफ शिकायत की है। अब मैं तुझे आवास नहीं मिलने दूंगी। साथ आए एक अन्य व्यक्ति ने दिव्यांग राजेश के साथ अभद्र व्यवहार किया। राजेश ने पूरा वाकया वीडियो में कैद कर लिया। जोकि सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसके बाद एफएम न्यूज की टीम ने मौके पर पहुंचकर वास्तविक हालात दर्ज किए। वहीं वीडियो ने पूरे मामले को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया।

अब आगे क्या?

पूर्व भाजपा विधायक अजीत यादव राजेश के गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को गरीब बताते हुए आवास दिलाने का आश्वासन दिया। बीडीओ गुन्नौर से फोन पर बात की। प्रधान ने भी राजेश को पात्र बताया। अब उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज हो गई है। लोग चाहते हैं कि भ्रष्टाचार की जड़ें उखाड़ी जाएं। यह मामला सरकारी योजनाओं में गहरे भ्रष्टाचार को उजागर करता है और दिव्यांगों के साथ ऐसा व्यवहार अस्वीकार्य है।

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read