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बहन की डोली से पहले भाई की आंखें हुई नम, हथकड़ियों में पहुंचा कैदी धर्मेंद्र; चार साल बाद परिवार से मिला

Sitapur News: सीतापुर के बंशीपुरवा गांव में बहन की शादी में शामिल होने के लिए चार साल से जेल में बंद धर्मेंद्र को 48 घंटे की पैरोल मिली. रोहतक पुलिस की निगरानी में घर पहुंचे भाई को देखकर परिवार भावुक हो गया और बहन फूट-फूटकर रो पड़ी.

Prisoner attends sister wedding on parole

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Sitapur News: शादी का घर था. आंगन में खुशियों की रौनक बिखरी हुई थी, रिश्तेदारों की आवाजाही लगी थी और बहन के हाथों में मेहंदी सज चुकी थी. लेकिन इस खुशी के बीच एक ऐसा भावुक पल आया, जिसने वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर दीं. अपनी बहन की शादी में शामिल होने के लिए चार साल से जेल में बंद भाई धर्मेंद्र पुलिस सुरक्षा और हाथों में हथकड़ियां पहने घर पहुंचा.

हथकड़ी में धमेंद्र पहुंचा अपनी बहन की शादी में

मामला हरगांव थाना क्षेत्र के बंशीपुरवा गांव का है. यहां रहने वाले धर्मेंद्र को न्यायालय से 48 घंटे की पैरोल मिली, ताकि वह अपनी बहन की शादी में शामिल हो सके. हरियाणा की रोहतक पुलिस उसे लेकर गांव पहुंची. जैसे ही पुलिस वाहन घर के बाहर रुका, परिवार के लोगों की नजरें अपने बेटे और भाई को देखने के लिए बेताब हो उठीं.

चार साल बाद बेटे को देख भावुक हुए परिजन

चार साल बाद बेटे को सामने देखकर माता-पिता की आंखें भर आईं. वहीं बहन अपने भाई को देखकर खुद को रोक नहीं सकी और उससे लिपटकर फूट-फूटकर रो पड़ी. यह दृश्य देखकर वहां मौजूद रिश्तेदार और ग्रामीण भी भावुक हो गए.  धर्मेंद्र पिछले चार वर्षों से हरियाणा की रोहतक जेल में बंद है. वह अप्राकृतिक दुराचार से जुड़े मामले में सजा काट रहा है. हालांकि, बहन की शादी जैसे अवसर को देखते हुए न्यायालय ने उसे 48 घंटे की पैरोल मिली, जिससे वह इस खास मौके पर परिवार के साथ रह सके.

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शादी की रस्मों के दौरान धर्मेंद्र ने अपनी बहन को आशीर्वाद दिया और उसके सुखी वैवाहिक जीवन की कामना की. दूसरी ओर, परिवार के सदस्य भी इस बात से खुश नजर आए कि वर्षों बाद उन्हें अपने बेटे के साथ कुछ पल बिताने का अवसर मिला. हाथों में हथकड़ियां जरूर थीं, लेकिन बहन की शादी में शामिल होने की खुशी और परिवार से मिलने की खुशी उससे कई ज्यादा थी. बंशीपुरवा गांव में यह मामला फिलहाल चर्चा का विषय बना हुआ है.

भारत एक्सप्रेस



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