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Temperature : उत्तर प्रदेश में बढ़ती शीतलहर, कोहरे ने भी बढ़ाई मुसीबत

Temperature: यूपी कड़ाके की ठंड की गिरफ्त में हैं. सोमवार को मेरठ प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा, जहाँ न्यूनतम तापमान मात्र 5 डिग्री सेल्सियस रहा

Temperature

Temperature : उत्तर प्रदेश में दिसंबर का महीना ठंड का तीखा अहसास कराता दिखाई दे रहा है. पिछले कुछ दिनों से लगातार तापमान गिरने और उत्तरी-पश्चिमी हवाओं के तेज होने के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है. मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि आने वाले दिनों में ठंड का असर और तेज होगा, जिसके चलते जनता को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. (Temperature)

यूपी में मेरठ सबसे ठंडा शहर रहा

राज्य के कई जिले कड़ाके की ठंड की गिरफ्त में हैं। सोमवार को मेरठ प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा, जहाँ न्यूनतम तापमान मात्र 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. यह सामान्य से करीब 3 डिग्री कम है और शीतलहर की स्थिति को दर्शाता है.
बरेली में 6.6 डिग्री और कानपुर में 7.7 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम Temperature रिकॉर्ड किया गया। तापमान में इस गिरावट ने आमजन के लिए ठिठुरन बढ़ा दी है, वहीं सुबह–शाम की हवा ने ठंड को और अधिक प्रभावी बना दिया है. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में 2–4 डिग्री की और गिरावट संभव है.

शीतलहर बढ़ने के कारण

शीतलहर का बढ़ना कई मौसम कारकों का संयुक्त परिणाम है। प्रमुख कारणों में

1. पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव—पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू–कश्मीर के ऊपरी इलाकों में भारी बर्फबारी हुई है। इससे उत्तर भारत की ओर आने वाली हवाएँ अत्यधिक ठंडी हो गई हैं, जो मैदानों तक पहुँचकर तापमान को अचानक गिरा देती हैं.

2. उत्तरी-पश्चिमी हवाएँ—इन हवाओं का रुख पिछले कुछ दिनों से लगातार बना हुआ है। इसके कारण यूपी, हरियाणा और राजस्थान में तापमान सामान्य से कम बना हुआ है.

3. ला-नीना की कमजोर स्थिति—मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बार ला-नीना का प्रभाव कमजोर पड़ रहा है, जिससे समुद्री तापमान संतुलित नहीं हो पा रहा और दिसंबर–फ़रवरी के बीच औसत तापमान सामान्य से कम होने की संभावना अधिक है.

4. हिंद महासागर का तटस्थ प्रभाव—इंडियन ओशन डाइपोल के सामान्य स्थिति में होने के कारण ठंड के दौरान किसी तरह की गर्माहट भरी हवाओं की संभावना कम हो गई है.

इन सभी कारकों के चलते उत्तर प्रदेश में शीतलहर की अवधि बढ़ती जा रही है.

किन जिलों में सबसे अधिक असर

मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, बरेली, शाहजहाँपुर और लखनऊ में ठंड का प्रभाव सबसे अधिक दर्ज किया गया है.
दूसरी ओर, कुछ जिलों में मौसम सामान्य है. इटावा ने न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री दर्ज किया, जबकि बहराइच में अधिकतम तापमान 27.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो प्रदेश में सबसे अधिक था। इससे स्पष्ट है कि पश्चिमी और पूर्वी यूपी के बीच तापमान अंतर बहुत अधिक बना हुआ है। (Temperature)

कोहरे ने बढ़ाई परेशानियाँ

जैसे-जैसे तापमान गिर रहा है, घने कोहरे का प्रभाव भी बढ़ रहा है।सुबह के समय दृश्यता 25–50 मीटर तक सीमित हो जा रही है. कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित है, कुछ यात्राओं में 2–5 घंटे की देरी हो रही है.

लखनऊ, वाराणसी और बरेली हवाईअड्डों पर उड़ानों की समय-सारणी में बदलाव देखने को मिला है. सुबह 6 बजे से 10 बजे तक सड़क हादसों की संभावना बढ़ती है, इसलिए परिवहन विभाग ने सतर्क रहने की सलाह दी है.

स्वास्थ्य पर प्रभाव

शीतलहर का सीधा प्रभाव बुजुर्गों, बच्चों और पुरानी बीमारी से ग्रस्त लोगों पर पड़ता है. हृदय रोग, सांस की बीमारी, दमा, गठिया के रोगियों के लिए यह मौसम अधिक कष्टदायी हो सकता है. डॉक्टरों ने सलाह दी है कि सुबह की सैर से बचें, घर से बाहर निकलते समय गर्म कपड़े अवश्य पहनें और पानी तथा विटामिन-सी का सेवन बढ़ाएँ. स्कूलों में कई जिलों में बदलते मौसम को देखते हुए समय बदलने पर भी विचार किया जा रहा है.

आने वाले दिनों का मौसम पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार शीतलहर की अवधि आने वाले 2–5 दिनों तक बढ़ सकती है. न्यूनतम तापमान और गिरकर 4–6 डिग्री के आसपास पहुँच सकता है. घना कोहरा सुबह के समय आम जीवन को सबसे अधिक प्रभावित करेगा. 14–16 दिसंबर के बीच कुछ जिलों में हल्की बारिश के भी संकेत हैं, जिससे ठंड और बढ़ सकती है.

प्रशासन की तैयारी

राज्य सरकार ने स्वास्थ्य, राहत और परिवहन विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं. अस्पतालों में इमरजेंसी वार्ड सक्रिय किए गए हैं. बेघरों के लिए रैन बसेरों में अतिरिक्त कंबल और हीटर की व्यवस्था की गई है. सड़क सुरक्षा के लिए हाईवे पर पुलिस की अतिरिक्त तैनाती भी की गई है. नगर निकायों को रात में अलाव जलाने और खुले स्थानों पर अस्थायी राहत सुविधाएँ बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं.

उत्तर प्रदेश में शीतलहर का दौर अभी और तेज होने वाला है. तापमान गिरने के साथ-साथ कोहरा भी आमजन की कठिनाइयों को बढ़ाएगा। विशेषज्ञों की सलाह है कि मौसम के अनुरूप सावधानी बरतें और स्वास्थ्य संबंधी नियमों का पालन करें. प्रशासनिक तैयारियों के बीच जनता का सहयोग ही इस ठंड के मौसम को सुरक्षित तरीके से पार करने में सहायक होगा.

भारत एक्सप्रेस



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