बलरामपुर में सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज जमीन पर कथित निर्माण कर मदरसा बनाया गया
Balrampur Madrasa Case: बलरामपुर/ राहुल रतन: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में छांगुर प्रकरण के बाद सरकारी जमीन से जुड़ा एक और मामला सामने आया है. इस बार ग्राम सभा अड़ार पाकड़ में राजस्व अभिलेखों में दर्ज सरकारी भूमि पर कथित रूप से भवन बनाकर मदरसा और उर्दू कोचिंग सेंटर चलाए जाने की शिकायत की गई है. शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है. अब सबकी नजर राजस्व रिकॉर्ड, मौके की स्थिति और निर्माण से जुड़े दस्तावेजों की जांच पर है.
मामला बलरामपुर तहसील के अड़ार पाकड़ गांव का है और गाटा संख्या 1241क, 1241ख और 1242 से जुड़ा बताया जा रहा है. शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, राजस्व अभिलेखों में गाटा संख्या 1241क और 1241ख की जमीन बंजर श्रेणी में दर्ज है, जबकि गाटा संख्या 1242 को पानी की जमीन के तौर पर दर्ज किया गया है. आरोप है कि इसी जमीन पर भवन का निर्माण कर उसमें मदरसा/उर्दू कोचिंग सेंटर संचालित किया जा रहा.
जिलाधिकारी से की गई शिकायत
इस मामले को लेकर 15 जुलाई 2026 को महेश कुमार पाण्डेय, जगदम्बाप्रसाद, राकेश तिवारी, पालकराम और शुक्ल ओण्डलाश मिश्रा ने जिलाधिकारी को लिखित शिकायत दी. शिकायत में मांग की गई कि संबंधित जमीन का राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर सत्यापन कराया जाए और तीनों गाटों का मौके पर संयुक्त निरीक्षण और सीमांकन कराया जाए.
शिकायतकर्ताओं ने भवन निर्माण की अनुमति, भूमि के इस्तेमाल और वहां संचालित संस्थान से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कराने की मांग की है. खास तौर पर गाटा संख्या 1242 को लेकर सवाल उठाए गए हैं, क्योंकि रिकॉर्ड में इसे पानी की श्रेणी में दर्ज बताया गया है.
अवैध निर्माण मिला तो कार्रवाई की मांग
शिकायत में कहा गया है कि अगर जांच के दौरान सरकारी या जल क्षेत्र की जमीन पर बिना अनुमति निर्माण या अतिक्रमण की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए. साथ ही निर्माण हटाकर जमीन को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग भी की गई है.
स्थानीय लोगों के मुताबिक, शिकायत के बाद कथित तौर पर वहां चल रहा मदरसा बंद कर दिया गया है. शिकायतकर्ताओं ने कथित संचालक छेददन की भूमिका की भी जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
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अब प्रशासनिक जांच में यह साफ होगा कि जमीन की वास्तविक स्थिति क्या है, निर्माण किस आधार पर हुआ और वहां संस्था चलाने के लिए आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं. बलरामपुर सदर तहसीलदार के मुताबिक, मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
-भारत एक्सप्रेस
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