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यूपी कैबिनेट की बैठक में मुहर; गाय पालने पर मिलेगी आधी सब्सिडी, कर्मचारियों के लिए खुलेगा कैशलेस इलाज का रास्ता

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 22 प्रस्तावों को मंजूरी देते हुए गाय पालन पर 50 फीसदी तक सब्सिडी, पशु बीमा प्रीमियम पर 85 फीसदी सरकारी सहायता और पात्र शिक्षकों व कर्मचारियों को 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने का फैसला किया है.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पशुपालन को बढ़ावा देने, किसानों की आमदनी बढ़ाने और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए राज्य सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं. मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में रखे गए सभी 22 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई. इन फैसलों में गाय पालन पर 50 फीसदी तक सब्सिडी, पशुओं के बीमा प्रीमियम पर सरकारी मदद, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज तथा नदियों में नावों और स्टीमर के संचालन को लेकर नए नियम शामिल हैं.

इसके अलावा कंपनियों के विलय और बंटवारे की प्रक्रिया आसान बनाने, मैनपुरी के सैनिक स्कूल के विस्तार और पंचायत चुनाव की मतदाता सूची से जुड़े नियमों में बदलाव जैसे प्रस्तावों पर भी मुहर लगी. सरकार का कहना है कि इन कदमों का मकसद ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ रोजगार और निवेश के नए रास्ते खोलना है.

गाय पालन करने वालों को मिलेगी 50 फीसदी तक सब्सिडी

कैबिनेट बैठक में पशुपालन को आमदनी का बेहतर साधन बनाने पर खास जोर दिया गया. वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने फैसलों की जानकारी दी, जबकि पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में पशुधन की संख्या देश में सबसे ज्यादा है. हालांकि, पशुओं की कम उत्पादकता और बाजार से जुड़ी समस्याओं के कारण पशुपालकों को अभी भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है.

इन्हीं दिक्कतों को दूर करने के लिए सरकार ने पशुधन क्षेत्र में सुधार की योजना बनाई है. गाय पालन को बढ़ावा देने के लिए पात्र लाभार्थियों को 50 फीसदी तक सब्सिडी दी जाएगी. वहीं, पशुओं के बीमा प्रीमियम का 85 फीसदी हिस्सा सरकार उठाएगी. पशुपालक को बाकी 15 फीसदी राशि खुद देनी होगी.

सरकार ने प्रदेश में पहली बार स्टेट लाइवस्टॉक मिशन का गठन भी किया है. इसके जरिए दूध उत्पादन बढ़ाने, पशुओं की नस्ल सुधारने और पशुपालकों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर काम किया जाएगा. कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से उन्नत नस्ल के पशुओं की संख्या बढ़ाने की भी योजना है.

ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त कमाई का मौका देने के लिए 100 मुर्गियों के चूजे मुफ्त उपलब्ध कराने की योजना भी सामने आई है. सरकार को उम्मीद है कि गाय पालन, दुग्ध उत्पादन और मुर्गी पालन को प्रोत्साहन मिलने से गांवों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे.

शिक्षकों और कर्मचारियों को 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज

कैबिनेट ने शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है. इसके तहत पात्र शिक्षकों और कर्मचारियों को पांच लाख रुपये तक के इलाज की कैशलेस सुविधा मिल सकेगी.

माध्यमिक शिक्षा के तहत अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों, वित्तविहीन विद्यालयों और अशासकीय सहायता प्राप्त संस्कृत विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी योजना के दायरे में लाने का फैसला किया गया है. बेसिक शिक्षा से जुड़े पात्र कर्मचारियों को भी इस सुविधा का लाभ देने की मंजूरी दी गई है.

इस व्यवस्था से पात्र कर्मचारियों को इलाज के खर्च का इंतजाम करने में राहत मिलने की उम्मीद है. हालांकि, योजना का लाभ लेने के लिए लागू पात्रता और संबंधित नियमों का पालन करना होगा.

नदियों में नाव और स्टीमर चलाने के लिए बनेंगे नए नियम

उत्तर प्रदेश में जल परिवहन की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलयान नियमावली को मंजूरी दी है. इसका उद्देश्य नदियों में चलने वाली नावों और स्टीमर के संचालन को व्यवस्थित करना और यात्रियों की सुरक्षा पर ध्यान देना है.

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के मुताबिक, नई व्यवस्था में यांत्रिक और गैर-यांत्रिक दोनों तरह की नावों का पंजीकरण किया जाएगा. पंजीकरण शुल्क नाव की श्रेणी और यात्री क्षमता के आधार पर तय होगा. गैर-यांत्रिक नावों के लिए 50 रुपये का पंजीकरण शुल्क प्रस्तावित है.

इसके साथ ही नावों और उनके संचालन से जुड़े रिकॉर्ड तैयार किए जाएंगे. नाविकों और यात्रियों के बीमा की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि जल परिवहन को अधिक सुरक्षित बनाया जा सके.

सरकार गंगा, सरयू और घाघरा समेत प्रदेश की 11 नदियों में जल परिवहन को बढ़ावा देना चाहती है. काशी से हल्दिया तक जलमार्ग पर यात्रियों की सुविधा के लिए जरूरी किट उपलब्ध कराने की बात भी सामने आई है. इन कदमों से नदियों के रास्ते आवागमन और परिवहन की संभावनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है.

कंपनियों के विलय और बंटवारे में आसान होगी प्रक्रिया

कारोबार से जुड़े एक अहम फैसले में कंपनियों के विलय यानी मर्जर और विभाजन यानी डी-मर्जर के दौरान स्टांप ड्यूटी से संबंधित नियमों को स्पष्ट करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है.

स्टांप एवं पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल ने बताया कि मौजूदा व्यवस्था में स्पष्ट प्रावधानों की कमी के चलते कंपनियों को पुनर्गठन के समय स्टांप ड्यूटी तय कराने में परेशानी होती थी. खास तौर पर कंपनी की संपत्तियों के मूल्यांकन और सर्किल रेट के आधार पर शुल्क निर्धारित करने को लेकर दिक्कतें आती थीं.

इस प्रस्ताव को पहले विधानसभा से पारित कराया जाएगा और फिर केंद्र सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. केंद्र की स्वीकृति मिलने के बाद इसे लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. इससे कंपनियों के विलय और विभाजन के मामलों में नियमों को लेकर स्पष्टता आने की उम्मीद है.

मैनपुरी के सैनिक स्कूल को विस्तार के लिए मिलेगी जमीन

कैबिनेट ने मैनपुरी स्थित सैनिक स्कूल के विस्तार के लिए भी जमीन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के अनुसार, रक्षा मंत्रालय को 9.524 हेक्टेयर भूमि दी जाएगी.

इस फैसले से स्कूल के विस्तार के लिए जरूरी जमीन उपलब्ध कराने का रास्ता साफ होगा. इससे जुड़ी आगे की कार्रवाई निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी.

पंचायत चुनाव की मतदाता सूची तैयार करने से संबंधित नियमों में भी बदलाव किया गया है. कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी है.

प्रस्ताव के अनुसार, 18 वर्ष की उम्र पूरी कर चुका ऐसा व्यक्ति, जो संबंधित गांव में सामान्य तौर पर छह महीने या उससे अधिक समय से रह रहा हो, पंचायत की मतदाता सूची में शामिल होने के लिए पात्र होगा. सरकार का उद्देश्य मतदाता पात्रता से जुड़े प्रावधानों को अधिक स्पष्ट बनाना है.

ग्रेटर नोएडा में 12 हजार करोड़ रुपये के निवेश की योजना

औद्योगिक निवेश को लेकर भी कैबिनेट बैठक में अहम जानकारी सामने आई. हायर इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी को लेटर ऑफ कंफर्ट जारी करने की बात कही गई. कंपनी की योजना ग्रेटर नोएडा में करीब 12,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की है.

प्रस्तावित निवेश से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है. हालांकि, निवेश से जुड़े वास्तविक नतीजे परियोजना के आगे बढ़ने और उसके क्रियान्वयन पर निर्भर करेंगे.

झांसी-ललितपुर में भंडारगृहों की क्षमता बढ़ाने की तैयारी

कृषि और भंडारण व्यवस्था से जुड़े कामों के लिए भी कैबिनेट ने जमीन उपलब्ध कराने के प्रस्तावों को मंजूरी दी है. झांसी के परवई क्षेत्र में भंडारगृहों के लिए भूमि उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी. ललितपुर में भी इसी उद्देश्य से जमीन दी जाएगी.

भंडारण क्षमता बढ़ने से कृषि उपज और अन्य जरूरी सामान को सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त जगह उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है. इससे संबंधित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने का रास्ता खुलेगा.

कैबिनेट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों के लिए आवास निर्माण के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है. इस परियोजना पर करीब 543 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

इस योजना के जरिए न्यायिक अधिकारियों के लिए आवासीय सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा. परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद अब इसके क्रियान्वयन से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी.

रोजगार, निवेश और बुनियादी सुविधाओं पर जोर

मंगलवार की कैबिनेट बैठक में मंजूर किए गए 22 प्रस्तावों का दायरा खेती-किसानी और पशुपालन से लेकर शिक्षा, उद्योग, परिवहन और आवास तक फैला हुआ है. एक तरफ सरकार पशुपालकों को आर्थिक सहायता देकर ग्रामीण परिवारों की आमदनी बढ़ाने की कोशिश कर रही है, तो दूसरी तरफ कर्मचारियों के इलाज, जल परिवहन के नियमन और औद्योगिक निवेश से जुड़े कदम भी उठाए गए हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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