यूपी कांग्रेस अध्यक्ष पद पर सस्पेंस
UP Assembly Election 2027: उत्तर प्रदेश कांग्रेस में प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष के बीच शक्ति संघर्ष अब निर्णायक दौर में पहुंच गया है. सूत्रों का कहना है कि प्रभारी राजेन्द्र पाल गौतम, अजय राय की जगह किसी ब्राह्मण चेहरे को आगे लाना चाहते हैं, जबकि कुछ नेता मुस्लिम नेतृत्व की मांग कर रहे हैं.
अजय राय को हटाने की दुविधा
अजय राय को हटाने पर भूमिहार समाज की नाराजगी का खतरा है, इसलिए फिलहाल बदलाव टलता दिख रहा है. लेकिन अगर राहुल गांधी इस पर सहमति देते हैं तो सबसे मजबूत दावेदार आराधना तिवारी (मोना) मानी जा रही हैं.
पहला विकल्प कौन?
गौतम ने आलाकमान को पहला विकल्प दिया है कि अजय राय की जगह आराधना तिवारी को अध्यक्ष बनाया जाए. वह रामपुर खास से विधायक हैं और कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता भी. प्रमोद तिवारी की बेटी होने के नाते उनके पास ब्राह्मण और महिला दोनों वर्गों का प्रतिनिधित्व है. रामपुर खास सीट पर तिवारी परिवार का दशकों से दबदबा रहा है.
दूसरा विकल्प
दूसरा विकल्प मुस्लिम नेतृत्व को आगे करने का है. इस सूची में दानिश अली, इमरान मसूद, इमरान प्रतापगढ़ी और नदीम जावेद के नाम शामिल हैं. इससे दलित-मुस्लिम गठजोड़ को बढ़ावा मिल सकता है, लेकिन बीजेपी इसे ध्रुवीकरण की राजनीति में भुनाने की कोशिश कर सकती है.
तीसरा विकल्प
तीसरा विकल्प यह है कि चुनाव नजदीक होने के कारण अध्यक्ष पद में बदलाव न किया जाए. इसके बजाय अजय राय के साथ किसी मुस्लिम, दलित या ब्राह्मण नेता को वर्किंग प्रेसिडेंट बनाया जाए.
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राहुल गांधी के हाथ में अंतिम फैसला
अब गेंद राहुल गांधी के पाले में है. वे चाहें तो तीनों विकल्पों में से किसी एक को चुन सकते हैं या फिर मौजूदा स्थिति को बरकरार रख सकते हैं. पार्टी के भीतर यह धारणा मजबूत है कि अगर बदलाव होता है तो आराधना तिवारी का नाम सबसे आगे रहेगा. संगठनात्मक नियुक्तियां लगभग तय हो चुकी हैं और जिलाध्यक्षों की घोषणा भी इसी फैसले पर निर्भर है. माना जा रहा है कि अगले पखवाड़े में यूपी कांग्रेस की तस्वीर साफ हो जाएगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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