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बिना हेलमेट हाईवे पर ‘NO ENTRY’, जारी हुआ फरमान; चलान के लिए मिली मोहलत

No Helmet No Highway: अगर आप मुजफ्फरनगर में हैं और बाइक से हाईवे पर चढ़ने की सोच रहे हैं, तो पहले अपने सिर पर हाथ फेरकर देख लें कि हेलमेट है या नहीं. अगर नहीं है, तो पुलिस (Muzaffarnagar Police) आपको आगे नहीं जाने देगी, बल्कि वहीं से घर वापस भेज देगी. एक्शन अभी नहीं 7 दिन बाद होगा. जानिए क्या है फरमान?

UP Police New Rule No Helmet No Highway Entry Drive Starts in Muzaffarnagar

No Helmet No Highway: नीरज त्यागी/मुजफ्फरनगर: अगर आप दुपहिया वाहन चालक हैं और हाईवे पर सफर करने के आदी हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद की पुलिस (Muzaffarnagar Police) ने बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए एक सख्त और अनोखा अभियान छेड़ा है. इसका नाम ‘नो हेलमेट, नो हाईवे’ (No Helmet, No Highway) है. अब अगर आपने हेलमेट नहीं पहना है, तो आपको दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे-58 पर एंट्री नहीं मिलेगी.

एसएसपी संजीव कुमार वर्मा (Muzaffarnagar SSP) के निर्देश पर पुलिस ने शहर के 66 स्थानों को चिन्हित कर नाकाबंदी कर दी है. सोमवार शाम से शुरू हुए इस अभियान के तहत पुलिस सड़कों पर उतर आई है. फिलहाल पुलिस का मकसद चालान काटना नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करना है. पुलिस ने साफ कर दिया है कि यह नरमी सिर्फ कुछ दिनों के लिए है, इसके बाद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

66 जगहों पर नाकाबंदी

पुलिस ने मुजफ्फरनगर नगर क्षेत्र में स्थित दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे-58 (Delhi Dehradun Highway Muzaffarnagar) और मेरठ-हरिद्वार हाईवे को जोड़ने वाले रास्तों पर कुल 66 चेकपॉइंट्स बनाए हैं. गांव-देहात या शहर की गलियों से निकलकर जो भी लिंक रोड हाईवे की तरफ जाते हैं, वहां पुलिस तैनात है. अभियान के पहले दिन पुलिस ने बिना हेलमेट वाले बाइक सवारों को हाईवे पर चढ़ने ही नहीं दिया. उन्हें रोका गया, समझाया गया और हेलमेट पहनकर आने की शर्त पर ही हाईवे पर जाने की अनुमति देने की बात कही गई.

दो चरणों में चलेगा अभियान (Muzaffarnagar traffic police Plan)

  • प्रथम चरण (अगले 7 दिन तक): यह चरण पूरी तरह जागरूकता पर केंद्रित है. इसमें पुलिस किसी का चालान नहीं काटेगी. बिना हेलमेट वालों को सिर्फ समझाया जाएगा कि एक्सीडेंट होने पर हेलमेट कैसे जान बचाता है. उन्हें हाईवे पर जाने से रोककर वापस हेलमेट लाने के लिए घर भेजा जाएगा.
  • दूसरा चरण (7 दिन बाद): एक सप्ताह की जागरूकता के बाद भी अगर लोग नियमों का उल्लंघन करते पाए गए, तो पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी. इसमें भारी-भरकम चालान काटने से लेकर बाइक सीज (Vehicle Seizure) करने तक की कार्रवाई शामिल होगी.

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क्यों पड़ी जरूरत?

बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और उनमें दुपहिया वाहन चालकों की मौत के आंकड़ों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. पुलिस का मानना है कि हेलमेट न केवल एक्सीडेंट की संभावना को कम करता है, बल्कि दुर्घटना होने पर जीवन बचने की संभावना को कई गुना बढ़ा देता है. मुजफ्फरनगर पुलिस का यह ‘नो हेलमेट, नो हाईवे’ अभियान एक सराहनीय पहल है. इसका उद्देश्य राजस्व वसूलना नहीं, बल्कि कीमती जानों को बचाना है.



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