राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने गोरखपुर में आयोजित एक हिंदू सम्मेलन के दौरान एक ऐसा बयान दिया है, जिसने सामाजिक और धार्मिक विमर्श को एक नई दिशा दे दी है. उन्होंने मुस्लिमों से नदी की पूजा और सूर्य नमस्कार करने की अपील की है, लेकिन इसके पीछे उनका तर्क धार्मिक कर्मकांड नहीं, बल्कि ‘मानव धर्म’ और ‘पर्यावरण संरक्षण’ है.
17 दिसंबर 2025 को गोरखपुर के खोराबार स्थित मालवीय नगर में आयोजित सम्मेलन में बोलते हुए दत्तात्रेय होसबाले ने स्पष्ट किया कि संघ किसी को अपनी पूजा-पद्धति बदलने के लिए नहीं कह रहा.
‘नमाज न छोड़ें, लेकिन पर्यावरण की रक्षा करें’
RSS नेता दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि नमाज पढ़ने वाले हमारे मुस्लिम बंधु अगर पर्यावरण की दृष्टि से नदी की पूजा करें, तो इसमें क्या बिगड़ता है? अगर वे सूर्य नमस्कार या प्राणायाम करते हैं, तो क्या हम इसका विरोध करेंगे? बिल्कुल नहीं.” होसबाले का तर्क है कि हिंदू धर्म असल में ‘मानव धर्म’ है. उनका कहना है कि हम यह नहीं कहते कि कोई अपनी नमाज छोड़ दे या अपनी पूजा पद्धति त्याग दे, बल्कि भारतीय संस्कृति के उन तत्वों को अपनाए जो प्रकृति और स्वास्थ्य से जुड़े हैं.
पंथ एक ‘गाड़ी’ है, लेकिन धर्म शाश्वत है
RSS नेता ने धर्म और पंथ के बीच एक लकीर खींचते हुए एक दिलचस्प उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि धर्म वही है, लेकिन पंथ अलग-अलग हो सकते हैं. आप शैव, वैष्णव, जैन या बौद्ध हो सकते हैं, यह आपकी ‘गाड़ी’ की तरह है. आज आप शैव हैं, कल वैष्णव हो सकते हैं, या सनातनी से सिख बन सकते हैं. आप गाड़ी बदल सकते हैं, लेकिन धर्म (कर्तव्य और नैतिक नियम) नहीं बदल सकते.” उनके अनुसार, हिंदू धर्म के नियम शाश्वत हैं और दुनिया के किसी भी पंथ का व्यक्ति इनका पालन कर सकता है, क्योंकि यह जीवन जीने की पद्धति है.
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जीवन में उतारें संस्कृति- RSS
होसबाले बताया कि रूस में लोग चर्च को मंदिरों में बदलने की अनुमति दे रहे हैं और अमेरिका में भी हिंदू मंदिर तेजी से बन रहे हैं. जर्मनी जैसे देशों में संस्कृत और आयुर्वेद की पढ़ाई हो रही है. उन्होंने कहा कि दुनिया भारत की बुद्धिमत्ता और प्रतिभा का स्वागत कर रही है. ऐसे में भारत को ‘विश्वगुरु’ बनने के लिए अपनी सांस्कृतिक विरासत, जैसे योग और आयुर्वेद को और मजबूती से आगे बढ़ाना होगा. उनके अनुसार, यह प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य है कि वह हिंदू संस्कृति की श्रेष्ठ बातों को अपने जीवन में उतारे.
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