उत्तर प्रदेश की सियासत में शनिवार की शाम हलचल तेज हो गई है. दरअसल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज शाम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात कर नए मंत्रियों की सूची सौंप सकते हैं. सूत्रों के अनुसार, कल रविवार को राजभवन में नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह (UP Cabinet Expansion) होगा.
बता दें कि वर्तमान में यूपी सरकार में 54 मंत्री हैं, जबकि अधिकतम सीमा 60 है. ऐसे में 6 खाली पदों को भरकर भाजपा आगामी चुनाव से पहले अपने ‘सोशल इंजीनियरिंग’ के फॉर्मूले को धार देना चाहती है. इस विस्तार में सबसे ज्यादा चर्चा सपा के बागी विधायकों और श्रीकांत शर्मा जैसे पुराने दिग्गजों की कैबिनेट में वापसी को लेकर है.
कौन हैं वो 6 संभावित चेहरे?(UP Cabinet Expansion)
सूत्रों के मुताबिक, जिन नामों पर मुहर लगनी लगभग तय है, उनमें सबसे चौंकाने वाला नाम सपा की बागी विधायक पूजा पाल का है. उनके साथ ही सपा से पाला बदलकर आए मनोज पांडे को भी कैबिनेट में जगह मिल सकती है. इसके अलावा, मथुरा से विधायक श्रीकांत शर्मा, कृष्णा पासवान (दलित चेहरा), भूपेंद्र चौधरी (जाट समीकरण), अशोक कटारिया (गुर्जर चेहरा) और रोमी साहनी को भी मंत्री बनाया जा सकता है. बता दें कि इन नामों के जरिए भाजपा ने पिछड़ा, दलित और ब्राह्मण तीनों बड़े वोट बैंक को एक साथ साधने की कोशिश की है.
बागी विधायकों को मिलेगा ‘इनाम’
यह विस्तार केवल मंत्रियों की संख्या बढ़ाना नहीं है बल्कि 27 के चुनाव से पहले विपक्षी खेमे में सेंधमारी का ‘रिवॉर्ड’ भी है. पूजा पाल और मनोज पांडे ने पिछले दिनों जिस तरह से भाजपा का साथ दिया, उसे देखते हुए उन्हें कैबिनेट में शामिल करना तय माना जा रहा था.
वहीं, कृष्णा पासवान के जरिए भाजपा अवध और बुंदेलखंड के दलित वोट बैंक को मजबूत करना चाहती है. पश्चिम यूपी में जाट और गुर्जर समुदाय की नाराजगी दूर करने के लिए भूपेंद्र चौधरी और अशोक कटारिया जैसे पुराने दिग्गजों पर भरोसा जताया गया है.
विभाग बदलेंगे या सिर्फ नए चेहरे जुड़ेंगे?
सचिवालय सूत्रों की मानें तो इस बार किसी मौजूदा मंत्री की छुट्टी होने के आसार कम हैं. सरकार का पूरा फोकस खाली पदों को भरने पर है. हालांकि, कुछ ‘हैवीवेट’ मंत्रियों के काम का बोझ कम करने के लिए उनके विभागों का बंटवारा(UP Cabinet Expansion) इन नए मंत्रियों के बीच किया जा सकता है. खास तौर पर पंचायती राज, ग्रामीण विकास और समाज कल्याण जैसे विभागों में नए चेहरों को जिम्मेदारी दी जा सकती है ताकि चुनाव से पहले जमीनी स्तर पर योजनाओं की रफ्तार बढ़ाई जा सके.
2027 का रोडमैप: ‘मिशन यूपी’ की शुरुआत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल की आज शाम होने वाली मुलाकात को इसी ‘मिशन 2027’ की पहली सीढ़ी माना जा रहा है. दिल्ली हाईकमान से हरी झंडी मिलने के बाद अब यूपी भाजपा संगठन और सरकार के बीच तालमेल बैठाने की कवायद पूरी हो चुकी है. यह विस्तार इसलिए भी अहम है क्योंकि अगले साल होने वाले चुनावों में भाजपा किसी भी तरह का ‘डैमेज’ नहीं चाहती. नए मंत्रियों के जरिए उन जिलों और क्षेत्रों को कवर किया गया है जहां हालिया सर्वे में भाजपा की स्थिति थोड़ी कमजोर दिखी थी.
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-भारत एक्सप्रेस
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