International wildlife conservation project 2026: अनंत अंबानी ने कोलंबिया सरकार से 80 दरियाई घोड़ों को मारने के बजाय उन्हें जामनगर स्थित ‘वंतारा’ लाने की अपील की है. उन्होंने इन जीवों को आजीवन सुरक्षित आवास, वैज्ञानिक देखरेख और अंतरराष्ट्रीय स्तर की चिकित्सा सुविधा देने का पूरा प्रस्ताव रखा है.
अंबानी का मानना है कि सही योजना से पर्यावरण की रक्षा और बेजुबान जानवरों की जान बचाना दोनों संभव है, और वंतारा इस पूरे मिशन की वित्तीय व परिचालन जिम्मेदारी उठाने के लिए तैयार है.
मौत के फरमान पर रोक की मांग
अनंत अंबानी ने कोलंबिया की पर्यावरण और सतत विकास मंत्री, आइरीन वेलेज़ टोरेस को औपचारिक पत्र लिखकर 80 हिप्पो को मारने के फैसले पर रोक लगाने का अनुरोध किया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि ये बेजुबान जानवर अपनी स्थिति के लिए जिम्मेदार नहीं हैं.
वंतारा ने अधिकारियों को एक विस्तृत प्रस्ताव सौंपा है, जिसमें जानवरों को सुरक्षित पकड़ने, उनके परिवहन और अंतरराष्ट्रीय बायो-सिक्योरिटी प्रोटोकॉल का पालन करने की विशेषज्ञता शामिल है.
वैश्विक सम्मान और मानवीय जिम्मेदारी
हाल ही में ‘ग्लोबल ह्यूमन अवार्ड’ से सम्मानित होने वाले सबसे कम उम्र के एशियाई बने अनंत अंबानी ने कहा, “दया और सार्वजनिक सुरक्षा एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं.” उन्होंने स्पष्ट किया कि वंतारा की टीम कोलंबियाई अधिकारियों के मार्गदर्शन में काम करने के लिए पूरी तरह तैयार है.
उनका उद्देश्य इन 80 जीवों को एक ऐसा सुरक्षित घर देना है जहाँ वे अपना शेष जीवन प्राकृतिक वातावरण में सम्मान के साथ बिता सकें.
कोलंबिया में हिप्पो संकट का बैकग्राउंड
कोलंबिया की मैग्डेलेना नदी में फिलहाल करीब 200 दरियाई घोड़े हैं. ये 1980 के दशक में लाए गए एक छोटे समूह के वंशज हैं. प्राकृतिक शिकारियों की कमी के कारण इनकी आबादी तेजी से बढ़ी, जिससे स्थानीय जैव विविधता और ग्रामीण समुदायों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया.
इसी कारण सरकार ने हाल ही में 80 हिप्पो को मारने की मंजूरी दी थी, जिसका अब वंतारा के माध्यम से एक अहिंसक विकल्प सामने आया है.
संरक्षण का वैश्विक केंद्र
गुजरात के जामनगर में स्थित वंतारा दुनिया के सबसे उन्नत वन्यजीव बचाव केंद्रों में से एक है. यहां हाथियों और बड़ी बिल्लियों से लेकर सरीसृप तक, हजारों जानवरों की देखभाल की जाती है.
अंबानी का यह नया प्रस्ताव भारत की उभरती उस भूमिका को दर्शाता है जहां देश जटिल वैश्विक वन्यजीव चुनौतियों के लिए विज्ञान-आधारित और दयालु समाधान प्रदान करने में सक्षम है. यह पूरा स्थानांतरण भारत और कोलंबिया की सरकारों और संबंधित अंतरराष्ट्रीय निकायों की मंजूरी के बाद ही संपन्न किया जाएगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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