Bharat Express DD Free Dish

लंदन में फलती-फूलती भारतीय ज्ञान परंपरा: वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने की आचार्य मनीष की सराहना, CMD उपेन्द्र राय की मौजूदगी में विशेष भेंट

लंदन में भारत एक्सप्रेस के सीएमडी और एडिटर-इन-चीफ उपेन्द्र राय ने प्रसिद्ध आयुर्वेद विशेषज्ञ आचार्य मनीष की वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल से विशेष मुलाकात कराई. इस दौरान अनिल अग्रवाल ने आचार्य मनीष के विजन की सराहना करते हुए कहा कि वे दुनिया भर में भारतीय संस्कृति और सनातन चिकित्सा पद्धति का मान बढ़ाएंगे.

ब्रिटेन की राजधानी लंदन में भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और प्राचीन आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति खूब फल-फूल रही है. लंदन प्रवास के दौरान भारत एक्सप्रेस न्‍यूज नेटवर्क के चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्‍टर (CMD) एवं एडिटर-इन-चीफ उपेन्द्र राय की पहल पर देश के जाने-माने आयुर्वेद विशेषज्ञ और ‘शुद्धि आयुर्वेद’ व ‘हिम्स’ (HIMS) के संस्थापक आचार्य मनीष ने वेदांता समूह के चेयरमैन व प्रख्यात उद्योगपति अनिल अग्रवाल से उनके लंदन स्थित आवास पर सौहार्दपूर्ण मुलाकात की.

सौहार्दपूर्ण मुलाकात में तीनों हस्तियों ने भारतीय ज्ञान परंपरा, स्वास्थ्य और राष्ट्र निर्माण के संकल्पों पर अपने विचार साझा किए.

‘पूरी दुनिया में हिंदुस्तान का नाम आगे बढ़ाएंगे आचार्य मनीष’

मुलाकात के दौरान वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल आचार्य मनीष के सेवा कार्यों और आयुर्वेद के प्रसार से बेहद प्रभावित दिखे. उन्होंने कहा:

“आचार्य मनीष जी से मिलकर बहुत अच्छा लगा. मैं उनके विजन और सोच से बहुत ज्यादा प्रभावित हुआ हूं. ये पूरी दुनिया में हिंदुस्तान का नाम आगे बढ़ाएंगे. सबसे खास बात यह है कि ये जो भी बात करते हैं, दिल से करते हैं. वे बहुत प्रामाणिक (Genuine) हैं और पूरी तरह से खुले विचारों के व्यक्ति हैं. ऐसा समर्पण और स्पष्टता मैंने बहुत कम लोगों में देखी है.”

अनिल अग्रवाल ने इस बात पर भी खुशी जताई कि कैसे भारतीय मूल के लोग और विद्वान पूरी दुनिया में सनातन जीवन मूल्यों और स्वास्थ्य दर्शन की पताका फहरा रहे हैं.

गीता के सामने बैठकर पाठ करने जैसा है अनुभव: उपेन्द्र राय

भारत एक्सप्रेस के सीएमडी उपेन्द्र राय ने उद्योगपति अनिल अग्रवाल का आभार जताते हुए कहा कि वे भारतीय मूल्यों के सच्चे ध्वजवाहक हैं. उन्होंने कहा:

“अनिल अग्रवाल सर से मिलना ऐसा अनुभव कराता है जैसे कि साक्षात श्रीमद्भगवद्गीता के सामने बैठकर पाठ किया जा रहा हो. सर को गीता पूरी तरह कंठस्थ भी है. यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे दूसरी बार उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलने का सुअवसर मिला. हम हृदय से आभारी हैं कि उन्होंने अपनी सुबह की तमाम पूर्व-निर्धारित और व्यस्त बैठकें रद्द करके हमें मिलने का समय दिया.”

वहीं, आचार्य मनीष ने बातचीत की शुरुआत करते हुए कहा कि भारत में 2 करोड़ से अधिक लोग उनके स्वास्थ्य और आध्यात्मिक अभियानों से सीधे जुड़े हुए हैं और देश को स्वस्थ व आत्मनिर्भर बनाना ही उनका एकमात्र लक्ष्य है.

खराब जीवनशैली, पंचकर्म और बीमारियों के उपचार पर विमर्श

इससे पहले, लंदन से ही CMD उपेन्द्र राय से खास बातचीत में आचार्य मनीष ने आधुनिक खानपान और जीवनशैली के खतरों पर विस्तार से चेतावनी दी थी. उन्होंने स्पष्ट कहा कि:

मानव शरीर की रचना: मानव शरीर बीमार होने के लिए नहीं बना है, लेकिन आज की खराब दिनचर्या, जंक फूड और देर रात का भोजन हमारे शरीर के खिलाफ एक ‘साजिश’ बन चुका है.

गंभीर रोग और समाधान: किडनी फेलियर, फैटी लिवर, हृदय रोग, शुगर, ब्लड प्रेशर और जोड़ों के दर्द के मूल में अनुचित जीवनशैली है.

पंचकर्म और उपवास: उन्होंने बताया कि हर व्यक्ति को प्रत्येक 6 माह में एक बार पंचकर्म कराना चाहिए ताकि शरीर के भीतर जमा विषैले तत्व (Toxins) बाहर निकल सकें. इसके अलावा, हर 15 दिन में एक बार पूर्ण उपवास रखने और खानपान में परहेज करने से कैंसर जैसी गंभीर व्याधियों तक से लड़ने की आंतरिक प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है.

आचार्य मनीष ने कहा कि वे जल्द ही लंदन में भी आयुर्वेदिक चिकित्सा केंद्र स्थापित करेंगे ताकि प्रवासी भारतीय और पश्चिमी समाज भी प्राकृतिक चिकित्सा का लाभ ले सकें.

आयुर्वेद-प्राकृतिक चिकित्सा में आचार्य मनीष का योगदान

आचार्य मनीष भारत में आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा (Naturopathy) के क्षेत्र में एक अग्रणी और क्रांतिकारी नाम हैं. वे ‘शुद्धि आयुर्वेद’ (Shuddhi Ayurveda) और देश के सबसे बड़े इंटीग्रेटेड हॉस्पिटल चेन HIMS (हॉस्पिटल एंड इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड मेडिकल साइंसेज) के संस्थापक हैं. पिछले दो दशकों से अधिक समय से वे बिना किसी साइड-इफेक्ट के किडनी, लिवर, कैंसर और ऑटोइम्यून बीमारियों के सात्विक व वैज्ञानिक आयुर्वेदिक उपचार में जुटे हैं. उनके मार्गदर्शन में देश भर में 100 से अधिक क्लीनिक और बड़े अस्पताल संचालित हो रहे हैं, जहां खानपान, योग, प्राणायाम और पंचकर्म के जरिए असाध्य रोगों से जूझ रहे हजारों मरीजों को नया जीवन मिला है.

ब्रिटेन में फल-फूल रही है भारतीय संस्कृति और आयुर्वेद

लंदन में आयोजित यह उच्चस्तरीय मुलाकात इस बात का परिचायक है कि पश्चिमी देशों में अब भारतीय चिकित्सा पद्धतियों, योग और खानपान को व्यापक स्वीकृति मिल रही है. अनिल अग्रवाल जैसी वैश्विक कॉरपोरेट हस्ती, आचार्य मनीष जैसी आध्यात्मिक व स्वास्थ्य चेतना के प्रणेता और CMD उपेन्द्र राय जैसे वरिष्ठ पत्रकार व मीडिया विजनरी का एक मंच पर आना यह दर्शाता है कि आधुनिकता और वैश्विकता के बीच भी भारतीय जड़ें विदेशों में कितनी मजबूती से फल-फूल रही हैं.

ये भी पढ़ सकते हैं: 15 दिन में एक बार करें उपवास, कैंसर हो जाएगा खत्म, CMD उपेंद्र राय से बातचीत में आचार्य मनीष ने कहा



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read