ऑस्ट्रेलिया के उप-प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस ने भारत द्वारा पाकिस्तान के साथ युद्धविराम को “भारतीय नेतृत्व का कार्य” करार देते हुए इसकी प्रशंसा की है. यह बयान 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत द्वारा शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद आया है.
मार्लेस ने सीएनएन-न्यूज18 से विशेष बातचीत में कहा कि पहलगाम हमला “भयावह” था और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने तत्काल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात कर संवेदना व्यक्त की थी. उन्होंने भारत के आतंकवाद विरोधी रुख का समर्थन करते हुए कहा, “हम भारत के साथ आतंकवाद के सभी रूपों से लड़ने के लिए तत्पर हैं.”
7 मई को शुरू हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए. इसके बाद 10 मई को दोनों देशों ने युद्धविराम पर सहमति जताई. मार्लेस ने इस युद्धविराम को भारत की ओर से एक कठिन निर्णय बताया, जो क्षेत्रीय शांति के लिए महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा, “सैन्य कार्रवाई रोकना आसान नहीं था, लेकिन यह भारतीय नेतृत्व का प्रतीक है.”
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि युद्धविराम में अमेरिका की मध्यस्थता थी, जिसे भारत ने खारिज कर दिया. भारत ने स्पष्ट किया कि यह समझौता दोनों देशों के बीच सीधे बातचीत से हुआ. मार्लेस ने भी भारत के इस रुख का समर्थन किया और इसे वैश्विक शांति के लिए एक सकारात्मक कदम बताया. इस युद्धविराम से भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव कम होने की उम्मीद है, हालांकि दोनों पक्षों को सतर्क रहने की जरूरत है.
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