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नेपाल से लगी ‘आग’ पाकिस्तान पहुंची, बलूचिस्तान में ‘बगावत’; क्या कर रहे हैं शहबाज शरीफ?

Balochistan Shutdown Amid Nepal Crisis: नेपाल में प्रदर्शन के बाद सियासी संकट खड़ा है. इस बीच यहां लगी आग की आंच पाकिस्तान (Strike In Pakistan) तक पहुंच गई है. बलूचिस्तान में कई नेता बगावत पर उतर आए हैं जिससे शहबाज शरीफ (Shahbaz Sharif) के पसीने छूट रहे हैं.

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क्या शहबाज शरीफ डर गए हैं?

Balochistan Shutdown Amid Nepal Crisis: जब पड़ोसी के घर में आग लगी हो, तो अपने घर की चौकसी बढ़ा देना समझदारी है. लेकिन, पाकिस्तान में चौकसी के बजाय अब ‘नेपाल की आंधी’ की आहट सुनाई दे रही है. नेपाल में Gen-Z के आंदोलन ने सरकार को घुटनों पर ला दिया और प्रधानमंत्री से लेकर राष्ट्रपति तक को इस्तीफा देना पड़ा. देश राजनीतिक संकट (Nepal Crisis) से जूझ रहा है. इस बीच लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे पाकिस्तान के बलूचिस्तान (Strike In Pakistan) में बगावत का आवाज उठने लगी है. आंदोलन की लपटें तेज होने से शहबाज शरीफ सरकार (Shehbaz Sharif) के माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं.

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में आज बंद (Balochistan Shutdown) बुलाया गया था. कई राजनीतिक दलों ने आज शटडाउन का ऐलान किया है, जिसका काफी असर दिख रहा है. बड़े शहर सूने दिख रहे हैं और बाजार बंद हैं. बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार झोब से ग्वादर तक बड़े हाइवेज और शहर बंद पड़े हैं. बलूच का यह प्रदर्शन इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि, हाल ही में नेपाल में सरकार गिरी है.

क्यों बुलाया गया है बंद? (Why Balochistan Shutdown)

यह गुस्सा इसलिए भड़का है क्योंकि पुलिस और सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर रेड मारी है. इस दौरान कई राजनीतिक दलों के नेताओं को गिरफ्तार किया गया है. इससे गुस्सा भड़क गया है. फिलहाल बलूचिस्तान में पाकिस्तानी प्रशासन एक्टिव है और करीब 100 लोगों को हिरासत में लिया गया है. हालांकि, शहबाज शरीफ सरकार और लोकल गवर्नमेंट से बात के बाद कई लोगों को छोड़ा गया है. नेताओं का कहना है कि बंद का सफल आयोजन बताता है कि सरकार की पाबंदियों के जनता कितना खिलाफ है.

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कौन-कौन से नेता गिरफ्तार हुए हैं?

पुलिस ने जिन लोगों को अरेस्ट किया है, उनमें बलूचिस्तान नेशनल पार्टी, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ, अवामी नेशनल पार्टी, नेशनल पार्टी, जमात-ए-इस्लामी समेत कई दलों के नेता शामिल हैं. क्वेटा के अलावा भी कई शहरों से नेताओं को गिरफ्तार किया गया है. बलोच यकजेती कमेटी का कहना है कि सरकार का एक्शन लोकतंत्र और मानवाधिकार पर हमला है. इस समूह का कहना है कि सरकार लोगों को आतंकवाद से बचाने में फेल रही है. उलटे लोगों पर ही अत्याचार किए जा रहे हैं.

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शहबाज सरकार के लिए चिंता

पाकिस्तान हमेशा से ही आतंकवाद को पनपने देने और पड़ोसी देशों के आंतरिक मामलों में टांग अड़ाने के लिए जाना जाता रहा है. अब ऐसा लगता है कि उसकी अपनी ही करनी उसके सामने आ गई है. बलूचिस्तान में हो रहे इस विरोध प्रदर्शन ने शहबाज शरीफ सरकार के लिए नई मुसीबत खड़ी कर दी है. जिस तरह से वहां नेताओं की गिरफ्तारियां हुई हैं और शटडाउन का ऐलान हुआ है. वह यह बताता है कि सरकार खौफ में है. नेपाल का उदाहरण सामने होने से शहबाज सरकार के लिए यह आगे कुआं, पीछे खाई जैसी स्थिति है.



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