शेख हसीना.
Sheikh Hasina Speech: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने मोहम्मद यूनुस पर जोरदार सियासी प्रहार किया है. हसीना ने कहा कि यूनुस ने अपनी “Cute image” खो दी है, क्योंकि अब लोगों को एहसास हो गया है कि वह कितना बड़ा “धोखेबाज, भ्रष्ट और बड़ा आतंकवादी है”. यह टिप्पणी शेख हसीना ने एक वर्चुअल संबोधन में की, जिसमें उन्होंने अपनी पार्टी अवामी लीग पर यूनुस द्वारा लगाए गए प्रतिबंध की धमकियों के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी.
शेख हसीना ने कहा कि उनकी पार्टी अवामी लीग कोई “परजीवी” नहीं है और न ही बाढ़ के पानी के साथ उभरी है. उन्होंने यह भी कहा कि वह भारत में रहकर अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रही हैं, क्योंकि बांग्लादेश में छात्रों द्वारा कथित तख्तापलट के बाद उन्होंने भारत में शरण ली है.
हसीना ने कहा, “अंतरिम सरकार का दुस्साहसपूर्ण रवैया मुझे चकित करता है.” उन्होंने अवामी लीग की स्थापना का इतिहास याद दिलाते हुए कहा कि यह पार्टी 1948 में तत्कालीन पाकिस्तान के पूर्वी पाकिस्तान में लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए शेख मुजीबुर्रहमान की अगुआई में स्थापित की गई थी.
शेख हसीना ने बांग्लादेश के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा, “जिस देश में वे अब रहते हैं उसका नाम भी बंगबंधु शेख मुजीब ने दिया है. उन्होंने अवामी लीग के संगठनात्मक ढांचे का उपयोग करके बंगाल के लोगों को एकजुट किया और देश को स्वतंत्र बनाया था. किसी को भी इस तथ्य को नहीं भूलना चाहिए.”
उन्होंने यूनुस पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह खुद एक फासीवादी हैं, क्योंकि उन्होंने श्रमिकों, शिक्षकों, छात्रों और अन्य लोगों पर क्रूर कार्रवाई की है, जो अपनी उचित मांगों के लिए अभियान चला रहे थे.
हसीना ने सवाल किया कि यूनुस और उनके अनुयायियों के पास बांग्लादेश पर शासन करने का क्या अधिकार है. उन्होंने कहा कि यूनुस ने विदेशी धन का इस्तेमाल कर सत्ता में आने की योजना बनाई और आम जनता को गुमराह किया.
पूर्व प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यूनुस का असली चेहरा अब पूरी दुनिया के सामने बेनकाब हो चुका है. उन्होंने यह चेतावनी दी कि जो लोग यूनुस के पैसे से उनके दुष्कृत्यों को बढ़ावा दे रहे हैं, उनका मुकदमा बांग्लादेश की धरती पर एक दिन जरूर चलेगा.
हसीना ने बागी छात्रों की ओर इशारा करते हुए कहा, “उन समय उन्हें इस योजना का एहसास नहीं था, लेकिन अब उन्हें समझ में आ गया होगा और मुझे उनसे कोई शिकायत नहीं है.” उन्होंने एनसीपी नेताओं पर भी निशाना साधा, लेकिन उनका नाम लिए बिना कहा कि “उनकी हिम्मत मुझे हैरान करती है.”
शेख हसीना ने अंत में कहा कि उन्हें यह नहीं सोचना चाहिए कि वह सब कुछ छोड़कर चली गई हैं. संविधान के अनुसार, लोग उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में चुनते हैं, और किसी अन्य सरकार की सत्ता का कोई वैधता नहीं है. उन्होंने कहा कि वह बांग्लादेश की प्रधानमंत्री हैं, और उनकी सत्ता को चुनौती देने का कोई हक किसी को नहीं है.
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-भारत एक्सप्रेस
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