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अफगानिस्तान में भूकंप से मरने वाले की संख्या 1400 के पार, तालिबान ने दुनिया से की मदद की अपील…भारत ने भेजा मानवीय मदद

Afghanistan Earthquake: तालिबान सरकार के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने मंगलवार (2 सितंबर) को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर बताया कि भूकंप में 3,000 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं.

Afghanistan Earthquake

Afghanistan Earthquake: अफ़ग़ानिस्तान के पूर्वी हिस्से में आए एक शक्तिशाली भूकंप में मरने वालों की संख्या अब तक 1,400 से अधिक हो गई है. तालिबान सरकार के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने मंगलवार (2 सितंबर) को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर बताया कि भूकंप में 3,000 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं.

रविवार (31 अगस्त) देर रात अफ़ग़ानिस्तान के एक पहाड़ी इलाके में 6.0 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे पूरा गांव तबाह हो गया और लोग घंटों मलबे में फंसे रहे. अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रवक्ता यूसुफ़ हम्माद ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया, “घायलों को निकाला जा रहा है, इसलिए ये आंकड़े काफ़ी बदल सकते हैं.”

यूसुफ़ हम्माद ने कहा कि भूकंप के कारण कुछ इलाकों में भूस्खलन हुआ, जिससे सड़कें अवरुद्ध हो गईं, लेकिन उन्हें फिर से खोल दिया गया है और बाकी सड़कों को भी खोल दिया जाएगा ताकि उन इलाकों तक पहुंच आसान हो सके जहां पहुंचना मुश्किल था.

इस प्राकृतिक आपदा के बाद तालिबान सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील की है. तालिबान की अपील भारत भी हर संभव मदद कर रहा है.

भारत भेज रहा मानवीय मदद

भारत की ओर से राहत कार्यों में चावल और अन्य आवश्यक खाने-पीने की चीजों की बोरियों से लदे ट्रक व अन्य सामान भेजे जा रहे हैं.

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, 


आज अफ़ग़ानिस्तान के विदेश मंत्री मौलवी अमीर ख़ान मुत्तक़ी से बात की. भूकंप में हुई जान-माल की हानि पर अपनी संवेदना व्यक्त की. बताया कि भारत ने आज काबुल में 1000 परिवारों के लिए तंबू पहुंचाए हैं. भारतीय मिशन द्वारा काबुल से कुनार तक 15 टन खाद्य सामग्री भी तुरंत पहुंचाई जा रही है. कल से भारत से और राहत सामग्री भेजी जाएगी. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ. इस कठिन समय में भारत अफ़ग़ानिस्तान के साथ है.

अन्य देशों में ब्रिटेन ने आपातकालीन निधि में 10 लाख पाउंड (13 लाख डॉलर) देने का वादा किया है, जिसे तालिबान सरकार के बजाय मानवीय एजेंसियों के बीच बांटा जाएगा. क्योंकि ब्रिटेन तालिबान को मान्यता नहीं देता है.

इसके अलावा चीन सहित अन्य सरकारों ने आपदा राहत सहायता की पेशकश की है.

5 सालों के अंदर ये तीसरा बड़ा भूकंप

2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से यह तीसरा बड़ा भूकंप है. बता दें कि अफ़ग़ानिस्तान पहले से ही कमज़ोर अर्थव्यवस्था और ईरान व पाकिस्तान से जबरन वापस लाए गए लाखों लोगों से जूझ रहा है.

वर्ल्ड विज़न अफ़ग़ानिस्तान सहायता एजेंसी के एडवोकेसी निदेशक मार्क काल्डर ने चेतावनी दी है कि अगर संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए, तो बुनियादी ज़रूरतों और सेवाओं तक पहुंचने के लिए मदद की ज़रूरत वाले लोगों की संख्या में 2,50,000 से ज़्यादा लोग बढ़ जाएंगे.


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-भारत एक्सप्रेस



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