Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

पहले भारत पर टैरिफ, अब इंटेल के CEO को घेरा; डोनाल्ड ट्रंप ने क्यों मांगा लिप-बू-टैन का इस्तीफा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने इंटेल के सीईओ लिप-बू टैन (Lip Bu Tan) की बर्खास्तगी की मांग की है. इस बार ट्रंप ने उनपर ऐसे आरोप लगाएं हैं जिसकी दुनिया में चर्चा हो रही है.

Trump calls on Intel CEO to resign

डोनाल्ड ट्रंप ने लिप-बू-टैन को घेरा

भारत पर टैरिफ लगाने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बार फिर तहलका मचा दिया है. इस बार उन्होंने किसी और देश या सरकार को नहीं अपने ही देश के दिग्गज व्यवसायी को निशाने पर लिया है. क्योंकि, अब वह दिग्गज चिप निर्माता कंपनी इंटेल (Intel) के सीईओ लिप-बू-टैन (Lip Bu Tan) पर भड़क गए हैं. ट्रंप ने सीधे तौर पर टैन से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की है, जिसके बाद से ही तकनीकी जगत में हंगामा मचा हुआ है. उनके इस बयान के बाद इंटेल के शेयर भी काफी गर गए हैं.

यह विवाद तब शुरू हुआ, जब अमेरिकी सीनेटर टॉम कॉटन ने एक रिपोर्ट के आधार पर टैन के चीनी सेमीकंडक्टर कंपनियों और कथित तौर पर चीनी सेना से संबंधों पर सवाल उठाए. ट्रंप (Donald Trump) के इस बयान के बाद इंटेल के शेयर में भी भारी गिरावट देखी गई है, जो कंपनी के लिए एक नई चुनौती बन गई है.

क्या है मामला?

रॉयटर्स ने अप्रैल में बताया था कि टैन ने अपने या अपनी वेंचर फंड के माध्यम से सैकड़ों चीनी कंपनियों में कम से कम 200 मिलियन डॉलर का निवेश किया है, जिनमें से कुछ के चीनी सेना से संबंध हैं. ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा, “इंटेल के सीईओ अत्यधिक विरोधाभासी हैं और उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए. इस समस्या का कोई दूसरा समाधान नहीं है.

Donald Trump पर इंटेल की प्रतिक्रिया

इंटेल के एक प्रवक्ता ने कहा कि इंटेल और टैन अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र की अखंडता के लिए गहराई से प्रतिबद्ध हैं. कंपनी ने कहा कि वह सीनेटर टॉम कॉटन के पत्र में उठाए गए मुद्दों पर चर्चा करेगी.

बाजार में इंटेल की स्थिति

इंटेल ने पिछले साल 8 अरब डॉलर की सब्सिडी हासिल की थी, जो 2022 के चिप्स और विज्ञान अधिनियम के तहत सबसे बड़ा आवंटन था. कंपनी को घरेलू चिप निर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण स्तंभ माना जाता है. हालांकि, इंटेल ने हाल के वर्षों में अपनी विनिर्माण धार को ताइवानी प्रतिद्वंद्वी टीएसएमसी के हाथों खो दिया है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चिप्स के बाजार में इसकी लगभग कोई उपस्थिति नहीं है.

विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप को निगमित नेतृत्व पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए, लेकिन उनका मानना है कि टैन के चीन के साथ संबंध इंटेल के लिए एक बड़ा मुद्दा हो सकते हैं. एनशेल सैग, प्रमुख विश्लेषक मूर इनसाइट्स एंड स्ट्रैटजी ने कहा कि यह सब लिप बू के चीनी सेमीकंडक्टर्स में पिछले निवेश और भागीदारी पर आकर टिकता है, जो उन्हें सीईओ के रूप में इतना मूल्यवान बनाता है.



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital