एलन मस्क. (फाइल फोटो)
एलन मस्क (Elon Musk) के नेतृत्व वाले यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन के तहत अमेरिका द्वारा वित्तपोषित $21 मिलियन के अनुदान को रद्द कर दिया है. इस अनुदान का उद्देश्य भारत में मतदाता प्रतिशत (Voter Turnout In India) को बढ़ाना था. अपनी घोषणा में DOGE ने बताया कि $21 मिलियन (लगभग 187 करोड़) चुनाव और राजनीतिक प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए संघ को आवंटित $486 मिलियन के बड़े बजट का हिस्सा था. यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय सहायता में व्यापक कटौती का हिस्सा था, जिसमें भारत, बांग्लादेश और मोजाम्बिक जैसे देशों में कई कार्यक्रमों में कटौती शामिल है.
DOGE के आधिकारिक हैंडल ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म X पर पोस्ट किया, जिसमें रद्द किए गए अमेरिकी करदाताओं द्वारा वित्तपोषित पहलों की सूची जारी की. DOGE के बयान में कहा गया, “अमेरिकी करदाताओं के पैसे इन मदों पर खर्च किए जाने वाले थे, जिनमें से सभी को रद्द कर दिया गया है.” इसमें भारत में मतदान के लिए निर्धारित 21 मिलियन डॉलर का खास जिक्र किया गया है.
US taxpayer dollars were going to be spent on the following items, all which have been cancelled:
– $10M for “Mozambique voluntary medical male circumcision”
– $9.7M for UC Berkeley to develop “a cohort of Cambodian youth with enterprise driven skills”
– $2.3M for “strengthening…— Department of Government Efficiency (@DOGE) February 15, 2025
कटौती के बिना अमेरिका दिवालिया हो जाएगा
यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए प्रशासन के तहत एक महत्वपूर्ण निर्णय है, जिसने सरकारी खर्च को कम करने के अपने प्रयास के तहत बजट कटौती को प्राथमिकता दी है. DOGE के प्रमुख एलन मस्क ने बार-बार जोर देकर कहा है कि संघीय खर्च में महत्वपूर्ण कटौती के बिना “अमेरिका दिवालिया हो जाएगा.” मूल रूप से भारत के चुनावों में मतदाता भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए निर्धारित 21 मिलियन डॉलर अब आवंटित नहीं किए जाएंगे.
यह निर्णय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के कुछ ही दिनों बाद आया है, जहां दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में अमेरिका-भारत संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की. हालांकि, उनकी बैठक के बाद किसी भी आधिकारिक बयान या प्रेस कॉन्फ्रेंस में मतदाता मतदान निधि को रद्द करने की बात नहीं की गई.
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-भारत एक्सप्रेस
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