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ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति बोल्सोनारो को तख्तापलट की साजिश में 27 साल 3 महीने की जेल

ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो को तख्तापलट की साजिश रचने के आरोप में 27 साल 3 महीने की जेल की सजा सुनाई है.

Brazils Supreme Court: पूर्व राष्ट्रपति को 27 साल 3 महीने की जेल की सजा

Brazils Supreme Court: ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो को तख्तापलट की साजिश रचने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को खत्म करने की कोशिश करने के आरोप में 27 साल 3 महीने की जेल की सजा सुनाई है. सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की पीठ में से चार ने उन्हें दोषी ठहराया. 70 वर्षीय बोल्सोनारो 2022 के चुनावों में हार के बाद नए राष्ट्रपति लुईस इनासियो लूला दा सिल्वा की सरकार को गिराने की योजना बना रहे थे.

अधिकतम सजा 43 साल तक हो सकती थी लेकिन बोल्सोनारो की उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए कोर्ट ने सजा घटा दी. फिलहाल बोल्सोनारो घर में नजरबंद हैं और उन्होंने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों का खंडन किया है. इसके अलावा वह इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट की 11 जजों वाली पीठ में चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं.

हत्या और तख्तापलट की साजिश

बोल्सोनारो के खिलाफ आरोप बहुत गंभीर हैं. उन्हें एक आपराधिक संगठन का नेतृत्व करने का दोषी पाया गया जिसका उद्देश्य 2023 की शुरुआत में राष्ट्रपति लूला के पदभार ग्रहण करने से रोकना था. इस साजिश में राष्ट्रपति लूला, उपराष्ट्रपति गेराल्डो अल्कमिन और सुप्रीम कोर्ट के जज एलेक्जेंडर डी मोरेस की हत्या की योजना शामिल थी.

बोल्सोनारो पर कुल पांच गंभीर आरोप लगाए गए थे. जो तख्तापलट का प्रयास, एक सशस्त्र आपराधिक संगठन का नेतृत्व, लोकतांत्रिक कानून को हिंसा के जरिए खत्म करने का प्रयास, हिंसा में भागीदारी और राज्य की संपत्ति के लिए गंभीर खतरा पैदा करना था.

अमेरिका की प्रतिक्रिया और ट्रंप का बयान

इस फैसले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाराजगी जताई. उन्होंने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया और कहा कि यह ब्राजील के लिए भी नुकसानदायक है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ब्राजील से आने वाले सामान पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने पर विचार कर सकता है. वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी इसे गलत बताया और कहा कि अमेरिका इस पर कोई न कोई कदम उठाएगा हालांकि उन्होंने स्पष्ट नहीं किया कि क्या कार्रवाई होगी.

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बोल्सोनारो की भविष्य की राजनीति

पहले भी एक अलग मामले में बोलसोनारो को 2030 तक चुनव लड़ने पर रोक लग चुकी है. ऐसे में अब माना जा रहा है कि वह किसी उत्तराधिकारी को तैयार कर सकते हैं जो अगले साल लूला दा सिल्वा को चुनाव में चुनौती दे सके. इससे ब्राजील की राजनीति में लंबी अवधि के लिए प्रभाव पड़ने की संभावना है.

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-भारत एक्सप्रेस



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