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दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी वाले देश के विदेश मंत्री ने यूक्रेन शांति पहल पर की PM मोदी की सराहना

यूरोप की सबसे बड़ी इकोनॉमी वाले देश के विदेश मंत्री ने यूक्रेन शांति पहल पर पीएम मोदी की सराहना की. जर्मनी (Germany) के विदेश मंत्री योहान वेडफुल ने यह भी कहा- हम आतंकवाद से निपटने में भारत को समर्थन देंगे.

german foreign minister in india
Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Foreign Minister of Germany In India: दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी वाले देश जर्मनी (Germany) के विदेश मंत्री योहान वेडफुल ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ चीन के तियानजिन में हुई बैठक के दौरान यूक्रेन में शीघ्र शांति समझौते की अपील का स्वागत किया. उन्होंने इसे यूरोप के लिए एक महत्वपूर्ण पहल करार दिया.

वेडफुल ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ हुई वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा, “हमारे लिए जर्मनी (Germany) और यूरोप में, रूस का आक्रमणकारी युद्ध अभी सबसे बड़ी सुरक्षा चुनौती है. इस संदर्भ में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात में यूक्रेन में शीघ्र शांति समझौते की आवश्यकता पर जोर देना हमारे लिए अहम है. हम यूरोपीय देश, अमेरिका और यूक्रेन के साथ मिलकर इस युद्ध को जल्द समाप्त करने और यूक्रेन को एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में शांति दिलाने के लिए प्रयासरत हैं.”

शांति ही सुरक्षा, स्वतंत्रता और समृद्धि की आधारशिला

वेडफुल ने कहा कि उन्होंने भारत से आग्रह किया है कि वह रूस के साथ अपने संबंधों का उपयोग कर शांति बहाली की दिशा में संदेश दें. उन्होंने कहा, “मैं इस खुले संवाद के लिए आभारी हूं. शांति ही सुरक्षा, स्वतंत्रता और समृद्धि की आधारशिला है. सुरक्षा भविष्य में भी चुनौती बनी रहेगी, लेकिन हमें खुशी है कि भारत के पड़ोस में भी युद्धविराम लागू हुआ है.”

जर्मनी आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़ा

वेडफुल ने यह भी आश्वासन दिया कि जर्मनी (Germany) आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ मजबूती से खड़ा है. उन्होंने कहा कि भारत और जर्मनी का साझा उद्देश्य नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को संरक्षित करना है, जिसमें इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री व्यापार मार्गों की स्वतंत्रता भी शामिल है.

चीन की आक्रामकता हमारे लिए चिंता का विषय

उन्होंने कहा, “चीन का आक्रामक व्यवहार हमारे लिए चिंता का विषय है. हमने रक्षा, सुरक्षा और आयुध क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की. इसमें हमारी सेनाओं के संयुक्त अभ्यास और इंडो-पैसिफिक में जुड़ाव के लिए निर्यात लाइसेंस प्रक्रिया को तेज करना शामिल है. पिछले वर्ष जर्मन युद्धपोत भारत आया था और हम इस सहयोग को और मजबूत करने के लिए तैयार हैं.”

जर्मनी के चांसलर जल्द ही भारत का दौरा करेंगे

वेडफुल ने उम्मीद जताई कि जर्मनी के चांसलर जल्द ही भारत का दौरा करेंगे. उन्होंने कहा कि साझा चुनौतियों से निपटने और द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने की आवश्यकता है. उन्होंने भारत को उभरती हुई आर्थिक शक्ति, विश्व का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश और सबसे बड़ा लोकतंत्र बताते हुए कहा कि वैश्विक व्यवस्था में भारत की रणनीतिक भूमिका बेहद अहम है.

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