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US-Israel Iran Conflict: पश्चिम एशिया में चल रहे सैन्‍य टकराव पर आया भारत का बयान, जानें विदेश मंत्रालय ने क्‍या कहा

MEA Statement on West Asia Conflict: भारत ने पश्चिम एशिया संघर्ष पर गहरी चिंता जताई. कहा- वहां रह रहे 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा सबसे जरूरी है. MEA ने रमजान में बढ़ते तनाव पर बातचीत और कूटनीति से जल्द समाधान की अपील की.

Indian MEA West Asia clash

भारत ने कहा- पश्चिम एशिया शांति स्थापित होनी चाहिए

India’s MEA Statement: भारतीय विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ने पश्चिम एशिया क्षेत्र में चल रहे संघर्ष पर बयान जारी किया है. 3 मार्च 2026 को जारी इस बयान में कहा गया कि 28 फरवरी 2026 को ईरान और खाड़ी इलाके में संघर्ष शुरू हुआ था. भारत ने तब सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव न बढ़ाने और आम लोगों की सुरक्षा पर ध्यान देने की अपील की थी. लेकिन रमजान के पवित्र महीने में स्थिति और बिगड़ गई है.

सैन्‍य टकराव का विस्तार

हाल के दिनों में लड़ाई तेज हो गई है और यह दूसरे देशों तक फैल गई है. मौतें और नुकसान बढ़ रहे हैं. रोजमर्रा का जीवन ठप हो गया है और आर्थिक कामकाज बंद पड़ गए हैं. भारत इस क्षेत्र का पड़ोसी देश होने के नाते बहुत चिंतित है क्योंकि यहां उसके बड़े हित जुड़े हैं.

भारतीयों की सुरक्षा सर्वोपरि

खाड़ी क्षेत्र में करीब एक करोड़ भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं. उनकी सुरक्षा भारत की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. कुछ भारतीयों की मौत हो गई है या वे लापता हैं. व्यापारी जहाजों पर हमलों का भारत सख्त विरोध करता है. व्यापार और तेल की आपूर्ति भी इसी रास्ते से होती है. कोई बड़ी रुकावट भारतीय अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा सकती है.

संवाद-कूटनीति का आह्वान

इस सबके बीच भारत ने दोबारा संवाद और कूटनीति का आह्वान किया है. हम चाहते हैं कि संघर्ष जल्दी खत्म हो जाए. कई जिंदगियां पहले ही खो चुकी हैं और भारत इस पर दुख जता रहा है.

फंसे लोगों की मदद कर रहे

भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास प्रभावित देशों में भारतीय नागरिकों और समुदायों से लगातार जुड़े हुए हैं. वे समय-समय पर सलाह जारी कर रहे हैं और फंसे हुए लोगों की हर संभव मदद कर रहे हैं. दूतावास आगे भी सक्रिय रहेंगे.

भारत इस क्षेत्र की सरकारों और अन्य महत्वपूर्ण देशों से संपर्क में है. प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने अपने समकक्षों से बात की है. सरकार पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए है और राष्ट्रीय हित में जरूरी फैसले लेगी.

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