फोटो: भारत का सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल
India All-Party Delegations: ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई को वैश्विक मंच पर मजबूत करने के लिए सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों को 33 देशों में भेजा, जिन्हें विश्व नेताओं से व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ.
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले, जिसमें 26 लोग मारे गए, के जवाब में शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को नष्ट कर उसकी सैन्य क्षमता को कमजोर किया. इसके बाद भारत ने कूटनीतिक पहल तेज की.
51 सांसदों और आठ पूर्व राजनयिकों के इन प्रतिनिधिमंडलों ने रूस, जापान, यूएई, जर्मनी, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और अन्य देशों का दौरा किया. जापान के विदेश मंत्री ताकेशी इवाया ने पहलगाम हमले के पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ एकजुटता दिखाई.
रूस ने संयुक्त राष्ट्र, ब्रिक्स और शंघाई सहयोग संगठन जैसे मंचों पर भारत के साथ आतंकवाद विरोधी सहयोग की प्रतिबद्धता दोहराई. यूएई ने भारत को रणनीतिक साझेदार बताते हुए आतंकवाद के खिलाफ ठोस रूख अपनाया.
प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व शशि थरूर, रविशंकर प्रसाद, संजय झा, कनिमोझी करुणानिधि, सुप्रिया सुले, बैजयंत पांडा और श्रीकांत शिंदे जैसे नेताओं ने किया. इन नेताओं ने पाकिस्तान के आतंकवाद प्रायोजन को उजागर करते हुए भारत की शून्य सहिष्णुता नीति को रेखांकित किया.
विदेश सचिव विक्रम मिश्री ने इन प्रतिनिधिमंडलों को पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों के सबूतों से लैस किया. इस कूटनीतिक अभियान ने न केवल भारत की एकजुटता को दर्शाया, बल्कि वैश्विक समुदाय को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने का संदेश दिया.
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