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ईरान में दो सुर, होर्मुज बंद पर IRGC और सरकार आमने-सामने

US Israel Iran conflict: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच अब ईरान के भीतर भी होर्मुज स्ट्रेट को लेकर मतभेद सामने आए हैं.

US Israel Iran conflict: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब ईरान के भीतर भी मतभेद सामने आ रहे हैं. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कट्टरपंथी कमांडर मानते हैं कि होर्मुज स्ट्रेट पर पकड़ बनाए रखना ईरान की सबसे बड़ी ताकत है और इसे किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाना चाहिए. उनका मकसद सिर्फ समुद्री मार्ग पर नियंत्रण रखना ही नहीं, बल्कि अमेरिका को यह संदेश देना भी है कि ईरान पर हमला करने की हिम्मत न की जाए.

सरकार का अलग रुख

दूसरी ओर राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ जैसे नागरिक नेता बातचीत के जरिए समाधान निकालने के पक्ष में हैं. उनका मानना है कि ओमान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता फिर से शुरू होनी चाहिए ताकि संकट का शांतिपूर्ण हल निकले.

अमेरिका का सख्त संदेश

वॉशिंगटन ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखना उसकी रणनीतिक प्राथमिकता है. दुनिया के लगभग 20% तेल व्यापार इसी मार्ग से होता है और इसे बंद करने की किसी भी कोशिश का जवाब अमेरिका सैन्य कार्रवाई से देगा.

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आगे क्या हो सकता है?

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर IRGC अपने रुख पर अड़ा रहता है तो अमेरिका की ओर से और बड़े हमले हो सकते हैं. वहीं अगर पेजेशकियान सरकार दबाव बनाकर IRGC को पीछे हटने के लिए तैयार कर लेती है, तो ओमान की मध्यस्थता में नया समझौता संभव है.

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-भारत एक्सप्रेस



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