Israel Iran Conflict: मिडिल ईस्ट से आ रही सनसनीखेज खबरों के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि हो गई है. ईरानी मीडिया (तसनीम और फार्स समाचार एजेंसियों) के अनुसार, शनिवार को इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए भीषण हवाई हमलों में खामेनेई का ठिकाना पूरी तरह तबाह हो गया. इस हमले में न केवल 86 वर्षीय खामेनेई, बल्कि उनके परिवार के चार अन्य सदस्य बेटी, दामाद, पोती और बहू भी मारे गए हैं.
ईरान में 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक
खामेनेई के निधन के बाद ईरान में स्थिति विरोधाभासी बनी हुई है. ईरानी मीडिया के अनुसार, देश में 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक और सात दिनों की सार्वजनिक छुट्टियों की घोषणा की गई है. दूसरी ओर, ईरान के भीतर से ऐसे वीडियो सामने आ रहे हैं जहां लोग सुप्रीम लीडर की मौत पर जश्न मना रहे हैं. एक्टिविस्ट मसीह अलीनेजाद ने वीडियो साझा करते हुए इसे ‘नए युग की शुरुआत’ बताया है.
डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले को ‘न्याय’ करार दिया है. उन्होंने ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट कर कहा कि इतिहास के सबसे क्रूर व्यक्तियों में से एक खामेनेई मारा गया. यह ईरान की जनता और दुनिया के लिए न्याय है. ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि उनके पास इस बात का स्पष्ट विचार है कि खामेनेई के बाद ईरान का नेतृत्व कौन करेगा, हालांकि उन्होंने अभी नामों का खुलासा नहीं किया है.
200 मौतें और 740 घायल
इजरायल और अमेरिका के इस ज्वाइंट ऑपरेशन ने ईरान के 10 बड़े शहरों को दहला दिया है. ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार, अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 740 से अधिक घायल हैं. एक दुखद खबर के अनुसार, मिसाइल गिरने से एक स्कूल की 85 छात्राओं की मौत हो गई. इजराइली मीडिया का दावा है कि इस हमले में करीब 40 वरिष्ठ ईरानी सैन्य और प्रशासनिक अधिकारी भी मारे गए हैं.
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ईरान का भीषण पलटवार
हमले के जवाब में ईरान ने भी ‘कुचल देने वाला’ पलटवार किया है. ईरान ने इज़रायल पर करीब 400 मिसाइलें दागीं. कतर, कुवैत, जॉर्डन, बहरीन और यूएई में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया. ईरान ने यूएई के दुबई में ‘पाम होटल एंड रिसोर्ट’ और ‘बुर्ज खलीफा’ के पास भी ड्रोन हमले किए हैं.
‘तनाव बेकाबू हो सकता है’
UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सुरक्षा परिषद की बैठक में इस कार्रवाई को ‘संयुक्त राष्ट्र चार्टर का अवैध उल्लंघन’ बताया है. उन्होंने चेतावनी दी कि यह आक्रामकता पूरे क्षेत्र के तनाव को ऐसे स्तर पर ले जा सकती है जहाँ से वापसी मुमकिन नहीं होगी. वहीं, निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने ईरानी जनता से एकजुट होने और इस बदलाव के मौके का समर्थन करने की अपील की है.
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