US Israel Iran conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि वे ईरान के नए प्रस्ताव पर विचार करेंगे. एयर फोर्स वन में सवार होने से पहले उन्होंने बताया कि ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से 14 सूत्री प्रस्ताव भेजा है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी हटाने की मांग भी शामिल है. ट्रंप ने कहा कि वे इस योजना को देखेंगे, लेकिन इसे स्वीकार करना मुश्किल होगा क्योंकि ईरान ने पिछले दशकों में मानवता के साथ जो किया है, उसका पूरा हिसाब अभी तक नहीं चुकाया है.
बातचीत और युद्धविराम
ट्रंप ने हाल ही में ईरान के पुराने प्रस्ताव को खारिज कर दिया था. हालांकि, बातचीत जारी है और तीन हफ्ते का युद्धविराम कायम है. अमेरिका ने फारस की खाड़ी के मुहाने पर स्थित होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की योजना भी पेश की है, जहां से दुनिया के तेल और गैस का बड़ा हिस्सा गुजरता है.
नरगिस मोहम्मदी की हालत बिगड़ी
ईरानी मानवाधिकार कार्यकर्ता नरगिस मोहम्मदी की तबीयत नाजुक बताई जा रही है. उनके परिवार और फाउंडेशन ने कहा कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा और वे बेहोश हो गईं. उन्हें जंजन के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, लेकिन खुफिया मंत्रालय उन्हें तेहरान ले जाने का विरोध कर रहा है. उनके पति ने कहा कि मोहम्मदी मानसिक रूप से मजबूत हैं, लेकिन उनका शरीर अब जेल की यातना सहने में सक्षम नहीं है.
अंतरराष्ट्रीय अपील
नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने ईरानी अधिकारियों से मोहम्मदी को तुरंत मेडिकल टीम के पास भेजने की अपील की है. उनके पति ने बताया कि दिसंबर में गिरफ्तारी के दौरान हुई पिटाई से उनकी हालत और बिगड़ गई थी. मोहम्मदी पहले भी सरकार विरोधी गतिविधियों के आरोप में जेल में थीं और स्वास्थ्य कारणों से पैरोल पर रिहा हुई थीं.
अमेरिका की चेतावनी
अमेरिका ने शिपिंग कंपनियों को चेतावनी दी है कि होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरने के लिए ईरान को भुगतान करने पर उन्हें प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है. फरवरी में ईरान ने जहाजों पर हमले कर स्ट्रेट को बंद कर दिया था और बाद में अपने तट के पास से सुरक्षित मार्ग देने की पेशकश की थी. अमेरिका ने 13 अप्रैल से ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी कर दी है, जिससे ईरान का तेल राजस्व प्रभावित हुआ है.
जासूसी के आरोप में फांसी
ईरान ने शनिवार को दो लोगों को इजराइल के लिए जासूसी करने के आरोप में फांसी दी. न्यायपालिका ने बताया कि याघूब करीमपुर और नासिर बेकरज़ादेह पर मोसाद को संवेदनशील जानकारी देने का आरोप था. इनमें नतान्ज शहर से जुड़ी जानकारी भी शामिल थी, जहां परमाणु संयंत्र है. हाल के हफ्तों में ईरान ने जासूसी और आतंकवादी गतिविधियों के आरोप में दर्जनभर लोगों को फांसी दी है. मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि ऐसे मामलों में अक्सर बंद कमरे में मुकदमे चलते हैं और आरोपियों को बचाव का मौका नहीं मिलता.
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मिडिल ईस्ट में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावों और चेतावनियों का सिलसिला जारी है, वहीं मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की स्थिति अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बनी हुई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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