Nargis Mohammadi Arrest: ईरान में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया. वह मशहद शहर में दिवंगत मानवाधिकार वकील खोसरो अलिकोरदी की स्मृति सभा में शामिल हुई थीं. इसी दौरान सुरक्षाबलों ने उन्हें हिंसक तरीके से हिरासत में ले लिया. मोहम्मदी 53 साल की हैं और दिसंबर 2024 से मेडिकल ग्राउंड पर अस्थायी रिहाई पर थीं. उन्हें दोबारा जेल भेजे जाने की उम्मीद नहीं थी.
लंबे समय से जेल में
पेरिस स्थित उनकी फाउंडेशन ने बताया कि मोहम्मदी अब तक 36 साल जेल में रह चुकी हैं. उन्हें पांच बार दोषी ठहराया गया और 13 बार जेल भेजा गया. आखिरी बार उन्हों 2021 में हिरासत में लिया गया था. कमजोर स्वास्थ्य के बावजूद मोहम्मदी लगातार एक्टिव रही हैं और कई प्रदर्शनों में हिस्सा लेती रही हैं.
कब मिला था नोबेल पुरस्कार?
मोहम्मदी को साल 2023 में नोबेल शांति पुरस्कार मिला था. उनके समर्थकों द्वारा साझा किए गए वीडियो में उन्हें बिना हिजाब भीड़ को संबोधित करते और नारे लगवाते हुए देखा गया. हालांकि, उनकी गिरफ्तारी क्यों की गई इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
मेडिकल रिहाई और स्वास्थ्य संकट
मोहम्मदी दिसंबर 2024 से मेडिकल ग्राउंड पर रिहा थीं. डॉक्टरों ने चेतावनी दी थी कि दिल का दौरा, बड़ी सर्जरी और हड्डी में गांठ हटाने जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के चलते उन्हें दोबारा जेल भेजना उनकी जान के लिए खतरा हो सकता है. इसके बावजूद उन्हें फिर से हिरासत में लिया गया.
नरगिस मोहम्मदी की गिरफ्तारी ने एक बार फिर ईरान में मानवाधिकारों की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं. कमजोर स्वास्थ्य और लंबी कैद के बावजूद उनकी सक्रियता और आवाज उन्हें लगातार निशाने पर रखती है. उनकी गिरफ्तारी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई जा रही है.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


