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देशभक्तों, प्रोटेस्ट जारी रखो, मदद रास्ते में है’… ईरान में आंदोलनकारियों को ट्रंप का संदेश, जंग शुरू होने वाली है?

Iran Protests: ईरान में जारी प्रदर्शनों के बीच क्राउन प्रिंस रजा पहलवी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जनता और सेना से आंदोलन जारी रखने की अपील की. अब तक करीब 1500 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं.

Iran Protests: ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने एक नया संदेश जारी किया है. उन्होंने प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ाते हुए अब ईरानी सेना से भी इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की है. पहलवी ने कहा कि सेना ईरान की राष्ट्रीय सेना है ना कि इस्लामी गणराज्य की सेना है. उनका कहना है कि देशवासियों की रक्षा करना सेना का कर्तव्य है और समय बहुत कम है इसलिए जल्द से जल्द जनता के साथ जुड़ें.

2400 से ज्यादा लोगों की मौत

बताया जा रहा है कि अब तक इन प्रदर्शनों में 2400 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है. पहलवी ने अपने संदेश में लिखा कि दुनिया ने ईरानी जनता की आवाज और साहस को देखा है और अब प्रतिक्रिया भी दे रही है. उन्होंने कहा कि इस शासन को यह भ्रम पैदा करने की अनुमति न दें कि जीवन सामान्य है.

‘खून का सागर बह रहा है’

पहलवी ने आगे कहा कि इन तमाम नरसंहारों के बाद जनता और शासन के बीच खून का सागर बह रहा है. उन्होंने लोगों से अपील की कि अपराधियों के नाम नोट करें ताकि उन्हें उनके किए की सजा मिल सके.

आंदोलन जारी रखने की अपील

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरानी प्रदर्शनकारियों को आंदोलन जारी रखने की अपील की थी. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरानी देशभक्तों, प्रोटेस्ट जारी रखो, अपने संस्थानों पर कब्जा करो. मदद रास्ते में है. ट्रंप ने यह भी कहा कि हत्यारों और अत्याचारियों के नाम संभालकर रखो, उन्हें इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी. उन्होंने ईरानी अधिकारियों के साथ होने वाली सभी बैठकों को रद्द कर दिया है और MIGA यानी Make Iran Great Again का नारा दोहराया.

अमेरिका से बातचीत का रास्ता खुला-ईरान

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हाल ही में बयान दिया कि उनका अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ से संपर्क बना हुआ है. अराघची ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच बातचीत की संभावना अभी खत्म नहीं हुई है और दरवाजे खुले हैं. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसके विपरीत सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जब तक ईरान में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई बंद नहीं होती तब तक किसी भी तरह की बातचीत संभव नहीं है. ट्रंप ने साफ कर दिया कि हिंसा और दमन जारी रहने की स्थिति में अमेरिका किसी भी वार्ता के लिए तैयार नहीं होगा.

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हालांकि, ट्रंप ने यह साफ नहीं किया कि मदद किस तरह की होगी. जब पत्रकारों ने उनसे पूछा तो उन्होंने कहा कि आपको यह खुद ही पता लगाना होगा, मुझे माफ करें. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हाल के प्रदर्शनों में कितने लोग मारे गए हैं, इसका सही आंकड़ा उन्हें कोई नहीं बता पाया है.

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-भारत एक्सप्रेस



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