लक्ज़मबर्ग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर (Dr. S. Jaishankar) ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति और व्यवहार पर तीखा तंज कसा. उन्होंने कहा कि आज के समय में देश वही करेंगे जिससे उन्हें सीधा फायदा होगा. कई देश मुफ्त सलाह देने में आगे रहते हैं लेकिन जब असली मदद की बात आती है तो पीछे हट जाते हैं. जयशंकर (Dr. S. Jaishankar) ने उदाहरण देते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी यही देखा गया था. उन्होंने साफ कहा कि दुनिया का यही स्वभाव है लोग जो कहते हैं, वह करते नहीं हैं और हमें इसे इसी भावना से स्वीकार करना होगा.
पड़ोसियों पर चर्चा
जब उनसे भारत के पड़ोसियों के बारे में पूछा गया तो जयशंकर (Dr. S. Jaishankar) ने कहा कि हमारे कई पड़ोसी हैं और हर एक की स्थिति अलग है. उन्होंने हाल ही में श्रीलंका में आए चक्रवात का जिक्र किया, जिसने वहां अभूतपूर्व नुकसान पहुंचाया. जयशंकर ने बताया कि जिस दिन चक्रवात शुरू हुआ, उसी दोपहर तक भारतीय सेनाएं श्रीलंका पहुंच गई थीं और राहत व बचाव कार्यों में जुट गई थीं. कुछ ही दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीलंका को बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण पैकेज देने का निर्देश दिया.
म्यांमार और अफगानिस्तान में मदद
जयशंकर (Dr. S. Jaishankar) ने आगे कहा कि म्यांमार में भी एक भूकंप आया था. वहां की स्थिति बेहद खराब थी और बहुत कम देश मदद के लिए आगे आए. भारत उन चुनिंदा देशों में था जिसने तुरंत प्रतिक्रिया दी. कुछ ही दिनों में भारतीय सेना ने वहां एक मिलिट्री अस्पताल स्थापित कर दिया और राहत कार्य शुरू कर दिए. उन्होंने अफगानिस्तान का भी उदाहरण दिया. वहां आए भूकंप के दौरान भारत सबसे पहले प्रतिक्रिया देने वाला देश था. हमारी टीमें तुरंत पहुंचीं और राहत कार्यों में शामिल हुईं.
भारत की भूमिका पर जोर
जयशंकर (Dr. S. Jaishankar) ने कहा कि भारत हमेशा पड़ोसियों की मदद के लिए तैयार रहता है. चाहे प्राकृतिक आपदा हो या मानवीय संकट, भारत ने हमेशा सबसे पहले कदम उठाया है. उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई देश केवल बयानबाजी करते हैं लेकिन भारत ने अपने काम से साबित किया है कि वह पड़ोसियों के साथ खड़ा है.
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लक्ज़मबर्ग में दिए गए इस संबोधन में जयशंकर (Dr. S. Jaishankar) ने अंतरराष्ट्रीय पाखंड पर सवाल उठाए और भारत की सक्रिय भूमिका को सामने रखा. उन्होंने कहा कि दुनिया में कई देश केवल सलाह देते हैं लेकिन भारत ने हमेशा अपने पड़ोसियों की मदद करके दिखाया है कि असली दोस्ती और सहयोग क्या होता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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