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‘पाकिस्तान को टॉयलेट पेपर की तरह यूज किया’ रक्षा मंत्री ख्वाजा ने अमेरिका पर फोड़ा ठीकरा, बोले- मकसद पूरा होते ही पाक को फेंक दिया

Khawaja Asif statement against US: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने नेशनल असेंबली में अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने अपने हित पूरे होने के बाद पाकिस्तान को “टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल कर फेंक दिया.”

Pak Defence Minsiter Khawaja Asif on US

Khawaja Asif statement against US: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ (Khawaja Asif) ने नेशनल असेंबली में अमेरिका को लेकर बेहद तीखा और विवादित बयान दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका (US) ने अपने हित पूरे होने के बाद पाकिस्तान को “टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल कर फेंक दिया.” उनके इस बयान के बाद पाकिस्तान की राजनीति और अंतरराष्ट्रीय हलकों में हलचल तेज हो गई है.

ख्वाजा आसिफ ने क्या कहा? (Khawaja Asif Statement On US)

नेशनल असेंबली में बोलते हुए ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान ने अमेरिका का हर मोर्चे पर साथ दिया. उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने अमेरिका को अपने पोर्ट, एयरस्पेस और अन्य सामरिक सुविधाएं उपलब्ध कराईं, जिनका इस्तेमाल अमेरिकी सेना ने किया. लेकिन जब अमेरिका का मकसद पूरा हो गया, तो उसने पाकिस्तान की अनदेखी कर दी.

अमेरिका जुड़ना पाक की बहुत बड़ी गलती- आसिफ

आसिफ ने यह भी स्वीकार किया कि पाकिस्तान ने सोवियत संघ के खिलाफ युद्ध और 2001 के बाद अमेरिका के नेतृत्व वाले आतंकवाद विरोधी अभियानों में हिस्सा लिया. उन्होंने कहा कि यह “धार्मिक जिहाद” नहीं था, बल्कि राजनीतिक लाभ और वैश्विक ताकतों का समर्थन हासिल करने की रणनीति थी. रक्षा मंत्री ने यह भी माना कि 2001 के बाद अमेरिका के साथ दोबारा जुड़ना पाकिस्तान की “बहुत बड़ी गलती” थी, जिसका देश को भारी नुकसान उठाना पड़ा.

विदेश नीति को आत्ममंथन की जरूरत

ख्वाजा आसिफ के इस बयान को पाकिस्तान की विदेश नीति पर एक तरह का आत्ममंथन भी माना जा रहा है. उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका के साथ नजदीकियों ने पाकिस्तान को आर्थिक, सामाजिक और सुरक्षा के मोर्चे पर गंभीर चुनौतियों में धकेल दिया.


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उनके बयान से यह साफ है कि पाकिस्तान की सत्ता में बैठे नेता अब अमेरिका के साथ अपने पुराने रिश्तों की समीक्षा कर रहे हैं. हालांकि, इस पर अमेरिका की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान दोनों देशों के रिश्तों में नए सिरे से बहस को जन्म दे सकता है.

-भारत एक्सप्रेस



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