किर्गिस्तान ने पाकिस्तान के साथ मिलकर सीईओ बिजनेस फोरम में भाग लेने पर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए इस्लामाबाद से अपने दूत को वापस बुलाया है. यह कदम भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के बीच उठाया गया है. किर्गिज़ राष्ट्रपति को आशंका थी कि ऐसा फोरम उनकी सरकार को पाकिस्तान समर्थक दिखा सकता है, जिससे भारत के साथ उनके संबंधों को नुकसान हो सकता है.
किर्गिस्तान-पाकिस्तान अंतर सरकारी आयोग की इस्लामाबाद में प्रस्तावित बैठक भी अब स्थगित कर दी गई है. सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान में किर्गिस्तान के राजदूत अज़ावेक अताखानोव ने संघर्ष के दौरान गलत समय पर बिजनेस फोरम आयोजन कर डिप्लोमैटिक मिसमैनेजमेंट किया.
कराची में होना था आयोजन
फोरम का आयोजन कराची में किया गया था और इसकी जानकारी 10 मई को जारी हुई—जब India-Pak के बीच तनाव चरम पर था और संघर्ष की समाप्ति तक स्थिति स्पष्ट नहीं थी. इसे भारत के विरोध में पाकिस्तान का समर्थन माने जाने की आशंका जताई गई.
भारत के साथ पुराने बाज़ार:
जहां पाकिस्तान ने किर्गिस्तान के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत किए हैं, वहीं बिश्केक के नई दिल्ली से संबंध सोवियत संघ के समय से ही मजबूत रहे हैं और आज भी सद्भावना पर आधारित हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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